क्या सावरकर पर सियासी बवाल ले डूबेगी महाराष्ट्र सरकार? अजीत पवार ने दिया बड़ा बयान

राहुल गांधी के सावरकर को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान पर घमासान शुरू हो गया है। एक दिन पहले ही शिवसेना ने इसको लेकर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा था कि सावरकर को लेकर वह कोई भी समझौता नहीं करेगी।इस बीच आज एनसीपी के नेता अजीत पवार ने इस मुद्दे पर गठबंधन में किसी तरह की गांठ पड़ने की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है।

अजीत पवार बोले- सोनिया, पवार साहब लेंगे सही फैसला
अजीत पवार से जब सवाल किया गया कि क्या सावरकर मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी(कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना) गठबंधन पर कोई असर पड़ेगा। इस सवाल के जवाब में अजीत पवार ने कहा कि उद्धव जी, सोनिया जी और पवार साहब सुलझे हुए लोग हैं, वे सही फैसला लेंगे।
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इससे पहले महाराष्ट्र में सहयोगी पार्टी कांग्रेस को लेकर शिवसेना ने अपना कड़ा रुख दिखाया। शिवसेना ने शनिवार को कहा कि वह हिंदू विचारक विनायक दामोदर सावरकर पर अपने रुख के साथ कोई समझौता नहीं करेगी, जिसे उन्होंने ‘भगवान जैसा’ बताया है।
संजय राउत का कांग्रेस पर निशाना !
शनिवार को दिल्ली के रामलीला मैदीन में सावरकर पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हिंदू विचारधारा का भी जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी जैसे स्वतंत्रता आंदोलन में एक बड़ा योगदान था।
संजय राउत ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘वीर सावरकर न केवल महाराष्ट्र में बल्कि पूरे देश में एक ईश्वर तुल्य व्यक्ति हैं। सावरकर नाम बलिदान और स्वाभिमान से मिलता-जुलता है। नेहरू और गांधी की तरह, सावरकर ने भी देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया।’राउत ने कहा, ‘भगवान की तरह हर व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए। इस पर कोई समझौता नहीं है।’
सावरकर के बारे में राहुल के अपने विचार- भुजबल
वहीं एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा कि जब बड़ी हस्तियों की बात आती है, तो हर कोई हर बात पर सहमत नहीं होता है। सावरकर के बारे में राहुल जी के अपने विचार हैं। सावरकर ने कहा था कि गाय हमारी मां नहीं है, लेकिन भाजपा कहती है कि यह है। सावरकर की सोच भी ‘ज्ञानवादी’ थी लेकिन क्या बीजेपी इसे स्वीकार कर सकती है? वे नहीं कर सकते।
‘मैं राहुल सावरकर नहीं हूं’
राहुल गांधी ने कल एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपनी टिप्पणी के लिए माफी नहीं मांगेंगे, क्योंकि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं है। राहुल गांधी ने कहा, ‘मुझे संसद में भाजपा द्वारा कल एक भाषण के लिए टिप्पणी के लिए माफी मांगने के लिए कहा गया था। मुझे किसी चीज के लिए माफी मांगने के लिए कहा गया था, जो सही है। मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं है। मेरा नाम राहुल गांधी है। मैं सच के लिए कभी माफी नहीं मांगूंगा।’





