प्रियंका के सहारे चुनावी वैतरणी को पार करना कांग्रेस की गलतफहमी: सुशील मोदी

बिहार के उप मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने देहरादून में कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 55 साल तक किस तरह का राज दिया, देश की जनता भलीभांति समझती है। कांग्रेस को उम्मीद है कि प्रियंका को पार्टी में लाकर वह चुनावी वैतरणी पार कर लेगी, लेकिन यह उसकी गलतफहमी है। प्रियंका अथवा अन्य कोई आए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। प्रियंका के सहारे चुनावी वैतरणी को पार करना कांग्रेस की गलतफहमी: सुशील मोदी

उन्होंने कहा कि देश की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहुत उम्मीद हैं और वह फिर से मोदी को प्रचंड बहुमत से जिताएगी। भाजपा के संकल्प पत्र में आमजन के सुझाव शामिल करने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘भारत के मन की बात, मोदी के साथ’ अभियान के तहत उत्तराखंड में जन रथ की लांचिंग करने के बाद सुशील मोदी प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू थे। 

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव 55 साल बनाम 55 माह के कार्यकाल की लड़ाई है। हम अपने 55 माह का हिसाब देंगे, मगर देश में 55 साल तक राज करने वालों को भी अपना हिसाब देना होगा। 

भाजपा नेता मोदी ने कहा कि देश की जनता का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास है। फिर उम्मीद उसी से होती है, जो काम करता है। मोदी सरकार ने देश के हर वर्ग, क्षेत्र के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता एचडी देवगौड़ा, आइके गुजराल, चंद्रशेखर व चौधरी चरण सिंह जैसी सरकारें नहीं, बल्कि स्थिर और मजबूत सरकार चाहती है। 

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे कुछ भी कर ले, जनता उसे नकार चुकी है। पटना में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की हालिया रैली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें बमुश्किल 25 हजार लोग भी नहीं जुट पाए।

उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में जहरीली शराब से मौतों के प्रकरण से संबंधित प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कोई भी मौत दुखदायी होती है। इस घटना से पूरा देश दुखी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने साफ कर दिया है कि दोषियों को किसी दशा में छोड़ा नहीं जाएगा। 

उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि वह जहरीली शराब बनाने वालों के लिए कठोर कानून बनाए और इसमें आजीवन कारावास व मृत्युदंड का प्रावधान भी किया जाए। शराब बंदी से संबंधित प्रश्न पर उन्होंने कहा कि हर राज्य की अलग परिस्थितियां होती हैं। लिहाजा, इस पर निर्णय राज्य सरकारों को ही लेना है।

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