मोदी के लोक लुभावने चुनावी बजट के बाद अब त्रिवेंद्र सरकार के बजट पर सबकी नजर

मोदी के लोक लुभावने चुनावी बजट के बाद अब त्रिवेंद्र सरकार के बजट पर सबकी नजर रहेगी। सत्ता पक्ष के लिए बड़ी चुनौती यह है कि हर वर्ग को साधने वाला बजट पेश हो। वित्त मंत्री प्रकाश पंत इसकी तैयारी कर चुके हैं। उनके पिटारे से निकलने वाली बजट घोषणाओं पर चुनावी रंग दिखना तय है। सोमवार से शुरू होने वाली बजट सत्र में सत्ता पक्ष का दूसरा इम्तिहान विपक्ष लेगा। विपक्ष न केवल बजट को कटघरे में लाएगा बल्कि अवैध शराब से हुई मौतें, लोकायुक्त, जीरो टालरेंस जैसे मुद्दों पर सरकार पर हल्ला बोलने की तैयारी में है। 

लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण त्रिवेंद्र सरकार के लिए बजट सत्र बेहद अहम माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने जिस तरह से बजट में मध्य वर्ग को इनकम टैक्स, किसानों को सम्मान निधि, मजदूरों को पेंशन, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण जैसे हर वर्ग को प्रभावित करने वाली घोषणाएं की हैं, उसी तर्ज पर त्रिवेंद्र सरकार को भी बजट घोषणाएं करने का दबाव रहेगा। राज्य की कमजोर वित्तीय स्थिति में नई योजनाओं को शामिल करना आसान नहीं है, लेकिन चुनावी वर्ष में सरकार खजाने की परवाह किए बिना बड़े फैसले ले सकती है।
चुनावी रणनीति के लिहाज से ऐसा करना सरकार की सियासी मजबूरी भी दिख रही है। कई ऐसे विषय हैं जिनको बजट में संबोधित किया जा सकता है। बजट में यह भी देखा जाना अहम रहेगा कि पलायन जैसे विषय को स्वरोजगार, पर्यटन और उद्योग से किस तरह सरकार जोड़ती है। दूसरा बड़ा सेक्टर किसानी एवं बागवानी का रहने वाला है, इसमें सरकार कुछ नई योजनाएं लाने की तैयारी में है। इन सबके अलावा यह भी अहम रहेगा कि राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार किस तरह की नई योजनाएं लाती है।





