माफिया अतीक ने जेल में आठ और की उधेड़ी थी चमड़ी, बैरक को बना दिया था यातना गृह

माफिया अतीक अहमद ने देवरिया जेल की बैरक नंबर सात को यातना गृह में तब्दील कर दिया था। यहीं पर उसका दरबार भी सजता था। इस यातना गृह में उसने 20 महीने में कई लोगों की चमड़ी उधेड़ी थी। क्राइम ब्रांच ने फिलहाल ऐसे 8 लोगों को ढूंढ निकाला है, जिनपर अतीक ने जुल्म ढाया था।माफिया अतीक ने जेल में आठ और की उधेड़ी थी चमड़ी, बैरक को बना दिया था यातना गृह

पड़ताल में खुलासा हुआ कि जेल में अतीक के दरबार में उसके गुर्गे जेल कर्मियों की मिलीभगत से बेरोकटोक आते-जाते थे। पुलिस ने अतीक और देवरिया जेल में बंद उसके चार गुर्गों को कोर्ट में तलब कराने के बी वारंट जारी कराया है।

माफिया अतीक अहमद के गोमतीनगर के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को अगवा करके देवरिया जेल में बंधक बनाकर पिटाई और कंपनी गुर्गों के नाम कराने के मामले की पड़ताल में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। देवरिया जेल की बैरक नंबर 7 में 3 अप्रैल 2017 से 31 दिसंबर 2018 के बीच अतीक और उसके गुर्गों ने कई लोगों की चमड़ी उधेड़ी थी। जेल से उसके इशारे पर गुर्गों ने यातनाएं देकर रंगदारी वसूली और जमीन पर कब्जे किए।

मोहित जायसवाल प्रकरण में फरार अतीक के बेटे उमर और गुर्गों की तलाश में छापामारी के साथ क्राइम ब्रांच ने आठ ऐसे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जिनकी देवरिया जेल की बैरक नंबर-7 में चमड़ी उधेड़ी गई थी। अतीक की दहशत के चलते इन लोगों ने पुलिस से शिकायत नहीं की।

जेलर से बोला अतीक, इस तरह मुझे कंट्रोल करना आसान नहीं

देवरिया जेल से ट्रांसफर हुए माफिया अतीक अहमद को जिला जेल की तन्हाई बैरक रास नहीं आई। अनाप-शनाप डिमांड पूरी नहीं होने पर माफिया ने जेलर और बंदी रक्षक को झिड़क दिया। बुधवार को जेल अधीक्षक तन्हाई बैरक पहुंचे तो अतीक बोला- क्या सोचते हो, इस तरह मुझे कंट्रोल कर लिया। ऊपर तक मेरे लिंक हैं। मुझे कंट्रोल करना तुम्हारे लिए आसान नहीं। माफिया के इस दुर्व्यवहार पर जेल अधीक्षक ने उसे संयमित व्यवहार करने की नसीहत दी और लौट गए।
जेल सूत्रों के मुताबिक अतीक को बरेली जेल में खुलापन नहीं मिल पा रहा है। जेल अधीक्षक ने बताया कि दूसरे दिन उससे मिलने एक मुलाकाती आया।

जेल के एक अधिकारी के मुताबिक अतीक शुरुआत में ही दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। शासन में अपनी पैठ बताकर अधिकारियों से लेकर बंदी रक्षकों को दबाव में लेने की कोशिश कर रहा है।

बंदियों की तरह नहीं, ठाठ से आया था माफिया

देवरिया जेल से जिस वज्र वाहन में अतीक को बरेली लाया गया था। उसमें वह बंदियों की तरह पीछे नहीं बैठा था। बल्कि उसको ड्राइवर की पीछे वाली सीट दी गई। वहीं, अब जेल के अंदर भी माफिया देवरिया की ही तरह फरमाइशें कर रहा है।

बरेली में ठिकाना बना सकते हैं गुर्गे
खुफिया विभाग की टीम भी जेल के इर्द-गिर्द की संदिग्ध मूवमेंट पर निगाह बनाकर रखे हुए हैं। माना जा रहा है कि अतीक के गुर्गे शहर में किराये के मकान लेकर रह सकते हैं। इसलिए किरायेदारी सत्यापन को लेकर अधिक सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।

जेलकर्मी अतीक के इशारे पर कर रहे थे काम

देवरिया जेल के रिकॉर्ड में 26 दिसंबर को अतीक से मुलाकात करने वालों में मोहित जायसवाल और सिद्दीक के नाम दर्ज थे, जबकि सीसीटीवी फुटेज अनेक लोगों की अतीक से मुलाकात की पुष्टि कर रहे हैं।

पड़ताल में सामने आया कि जेल कर्मी उसके इशारे पर काम करते थे। बैरक नंबर 7 में अतीक का दरबार सजता था। खानापूरी के लिए दो या तीन मुलाकात करने वालों के नाम रिकॉर्ड में दर्ज होते थे और गुर्गों को तो कोई रोकता ही नहीं था।

अतीक के जेल पहुंचते ही बैरक में पहुंच गए थे गुर्गे
सूत्रों का कहना है कि 3 अप्रैल को अतीक देवरिया जेल पहुंचा। इसके साथ ही उसके गुर्गे भी जेल में पहुंच गए। जेल में वर्चस्व देखकर कई अपराधी उसकी शरण में जा पहुंचे।

अतीक के इशारे पर उसके विश्वस्त लोगों को ही बैरक नंबर-7 में रखा गया था। पता लगाया जा रहा है कि 20 महीने में अतीक के साथ उसकी बैरक में कौन-कौन रहा?

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