सीएमएस की जांच पद पर रहते हुए होगी या फिर हटाकर

सुलतानपुर, 24 नवम्बर (UjjawalPrabhat.Com)। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पर जो आरोप लगाये हैं वह काफी गम्भीर हैं। गम्भीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिये जा चुके है। जांच स्वास्थ्य विभाग के मुखिया डा. सीवीएन त्रिपाठी व उपजिलाधिकारी को सौंपी गयी है। हालंकि नौकरी से बर्खास्त स्टाफ नर्सां ने न्याय पाने के लिए मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी हाजिरी लगायी है। जहां से जिलाधिकारी सुलतानपुर को एक सप्ताह में दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कर अवगत कराने को कहा गया है। सवाल उठता है कि सीएम साहब के जनता दरबार में न्याय की गुहार लगाने वाली नर्सों ने प्रभारी सीएमएस पर जो आरोप लगायें हैं वह बेहद गम्भीर है। बताते चलें कि ऐसे में डा. बी.बी. सिंह को सीएमएस की कुर्सी पर रहते हुए जांच हुई तो प्रभावित हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि डा. बी.बी. सिंह को पद से हटाकर जांच हो और जांच में उन तथ्यों को भी शामिल किया जाये जिन्हे जांच के लिए मुनासिब नहीं समझा जा रहा है। सूत्रों की माने तो इस प्रकरण में अस्पाल में होने वाली दलाली भी बड़ा कराण है। जहां तक डा. बी.बी. सिंह का मामला है तो पिछले दशक से इसी जनपद में है अपना आवास और अपनी पत्नी के नाम से निजी अस्पताल भी खोल रखा है। कई बार गैर जनपद स्थानांतरण भी हुआ, परंतु जुगाड़ गाड़ी का चक्का कुछ इस स्पीड से दौड़ा की सीधे उस चौखट पर जा रूका जहां से उनकी मुरादे होती रही है। जनमानस में भी साहब काफी चर्चा में रहते हैं। आवाजे भी उठने लगी है कि इस बार कार्यवाही होकर रहेगी। इसी के साथ प्रदेश सरकार का इकबाल भी बुलंद होगा। साथ ही जरूरत इस बात की है कि निष्कासित नर्सों ने डा. बी.बी.सिंह की छवि को भूमिल करने के लिए फर्जी आरोप लगाये हैं तो उनके भी खिलाफ कठोर कार्यवाही होनी चाहिए।
इम्तियाज़ रिजवी





