जदयू-भाजपा के बीच बराबरी की इस लड़ाई में नीतीश ही साबित हुए ‘बड़े भाई ’

लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में भले जदयू और भाजपा के बीच बराबर सीटों पर सहमति बनी है लेकिन बराबरी की इस लड़ाई में नीतीश ही ‘बड़े भाई ’ साबित हुए हैं। 2014 के मुकाबले 2019 में भाजपा को सबसे अधिक सीटों का नुकसान होगा, वहीं जदयू को सबसे ज्यादा नफा।

बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। इस समय भाजपा के 22 सांसद हैं। भाजपा की हिस्सेदारी बिहार की आधी से दो अधिक है। पिछली बार भाजपा के 30 उम्मीदवार मैदान में थे। इस बार अगर वह 16- 17 सीटों पर सिमटती है तो उसे अपने ही पांच सांसदों को बेटिकट करना होगा। वैसे अमित शाह ने अन्य घटक दलों जैसे लोजपा और रालोसपा की सीटें कम होने के भी आज संकेत दिये हैं, लेकिन बिहार में किसी भी दल के मुकाबले भाजपा की क्षति सबसे ज्यादा होगी।

बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। इस समय भाजपा के 22 सांसद हैं। भाजपा की हिस्सेदारी बिहार की आधी से दो अधिक है। पिछली बार भाजपा के 30 उम्मीदवार मैदान में थे। इस बार अगर वह 16- 17 सीटों पर सिमटती है तो उसे अपने ही पांच सांसदों को बेटिकट करना होगा। वैसे अमित शाह ने अन्य घटक दलों जैसे लोजपा और रालोसपा की सीटें कम होने के भी आज संकेत दिये हैं, लेकिन बिहार में किसी भी दल के मुकाबले भाजपा की क्षति सबसे ज्यादा होगी।





