सूखे व कच्चे नारियल के चमत्कारी फायदे, सुनकर आज से ही खाना शुरू कर देगें

दक्षिण में विशेष मात्रा में पैदा होने से दक्षिणात्यक और शुभत्व का प्रतीक होने से श्रीफल आदि भी नारियल के नाम हैं यह ‘काड लिवर आइल’ का अच्छा स्रोत है  नारियल कच्चा (पानी वाला सफेद गिरी वाला) और पका हुआ गोला (अन्दर से सूखा ) दो अवस्थाओं में मिलता है।

समुद्रतटवर्ती स्थानों में पाई जाती है

एक अवस्था बड़े आकार के हरे नारियल (डाब) की होती है जो मुम्बई तथा अन्य समुद्रतटवर्ती स्थानों में पाई जाती है।  इसका पानी पीया जाता है जो ठंडा, प्यास मिटाने वाला, ज्वरनाशक और शरीर को अंदर से शुद्ध करने वाला होता है। सूखे नारियल को मिठाई, बिस्कुट आदि बनाकर खाया जाता हैं।

बना चुकी हैं आपकी प्रेमिका किसी के साथ सम्बन्ध, तो इस तरीके से जाने वो हुई हैं किसी के साथ हमबिस्तर या नहीं…

कच्चा नारियल खाने, इसका पानी पीने से कब्ज़ दूर होती है। नारियल खाने से पसीना कम आता है, प्यास कम लगती है।

थोड़ी सी मेहनत करने से ही यदि थकावट हो तो नारियल खाते रहें, इसका पानी पियें इससे पानी की कमी दूर होती है |

नारियल के पानी में कार्बोहाइड्रेट, फ्रक्टोज, ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, वसा, पोटेशियम, कैल्शियम होते हैं।

इनके कारण यह अच्छा एनेर्जी बूस्टर है। पीलिया रोगियों को भी नारियल पानी पीने से लाभ होता है।

Back to top button