महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री बोले- बुलेट ट्रेन की टिकट विमान से होगी महंगी
यवतमाल(महाराष्ट्र). अहमदाबाद में आठ घंटे का रोड शो व बुलेट ट्रेन के नाम पर गुजरात चुनाव जीतने की रणनीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनाई है। बुलेट ट्रेन का मुुंबई से अहमदाबाद का किराया विमान के किराए से 5 गुणा अधिक होगा। यह विचार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि आज मुंबई से अहमदाबाद का हवाई जहाज का किराया 2200 रुपये पड़ता है। यदि एक टिकट एक माह पहले निकाला गया तो उसका दाम 1100 रुपये पड़ता है मगर जिस बुलेट ट्रेन के सपने प्रधानमंत्री जनता को दिखा रहे हैं उसका किराया 13 हजार रुपए पड़ेगा। इसमें उक्त कंपनी को ग्राहक 3 हजार रुपए तथा सरकार 10 हजार रुपए देने जा रही है। यह रहस्योद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपनी सुविधा के अनुसार अपने मंत्रिमंडल के मंत्रियों के भ्रष्ट्राचार की जांच के लिए समितियों का गठन करते हैं।
एकनाथ खड़से उनके विरोधी हैं इसलिए उनके खिलाफ न्यायालयीन जांच करवाई गई जबकि दूसरी ओर अन्य कुछ मंत्रियों की जांच उनकी सुविधा अनुसार ही करवाई जा रही है। उसमें पूर्व गृहनिर्माण राज्य मंत्री प्रकाश मेहता ने सी.एम. के नाम का गलत उपयोग कर झोपू योजना (एस.आर.ए.) का ठेका उस ठेेकेदार को दे दिया जिसे पहले ठुकरा दिया गया था। इसके तीन कारण उक्त फाइल पर लिखे गए थे मगर मेहता ने मुख्यमंत्री को इससे अवगत करवाकर ठेका देने की बात कही जिस कारण ठेकेदार को ठेका मिलने का पत्र मिल गया था। एक सजग पत्रकार के कारण यह ठेका रद्द करना पड़ा। इसमें मेहता की जांच लोकायुक्त से करवाई जा रही है। जबकि मामले की न्यायालयीन जांच होनी चाहिए।
इसमें लोकायुक्त को सीएम के खिलाफ जांच करने के अधिकार न होने की बात भी उन्होंने बताई। आगे चव्हाण ने आरोप लगाया कि, उद्योगमंत्री सुभाष देसाई ने एम.आई.डी.सी. की राज्य की ३१ हजार एकड़ जमीन व्यापारियों को कौडिय़ों के दामों में बांट दी। इस मामले की जांच सीएम ने एक सेवानिवृत्त अधिकारी को सौंपी है। उन्हें पांच वर्ष के लिए नियुक्त किया गया है। उसके बाद मंत्री सुभाष देशमुख की गाड़ी से नोटबंदी के दौरान 71 लाख के नोट मिले थे। उसकी जांच भी ठीक से नहीं हुई। अब समृध्दि मार्ग जो कि नागपुर से मुंबई तक बनने वाला है, उसकी जिम्मेदारी पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी मोपलवार को सौंपी गई है जबकि वे तेलगी स्टैम्प घोटाले मामले में आरोपी हैं। तेलगी के साथ चार साल की सजा भुगतनेवाले तथा भाजपा के धुलिया के वर्तमान विधायक अनिल गोटे ने ही उपरोक्त बात कही है।





