वाराणसी. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में शनिवार रात स्टूडेंट्स पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस लाठीचार्ज के बाद कैंपस में आगजनी और फायरिंग की घटनाएं भी हुईं। बीएचयू में हुए इस बवाल की वजह जानने के लिए यहां के स्टूडेंट्स और प्रोफेसर्स से बात की। इन लोगों से बातचीत में इस बवाल के 8 वजहें सामने आई हैं।
पढ़ें BHU में बवाल की 8 वजह…
रीजन नं.1:बीएचयू में ये बवाल छेड़छाड़ के विरोध में छात्राओं के प्रदर्शन से शुरू हुआ था। छात्राओं ने बताया- ”बीएचयू में गर्ल्स हॉस्टल बहुत अंदर बना हुआ है। इसकी वजह से लड़कियों को बॉयज हॉस्टल क्रास करके जाना पड़ता है। इस वजह से कई बाद उन्हें छेड़खानी का शिकार होना पड़ता है।
रीजन नं.2:सुरक्षा कर्मी केवल प्रशाशनिक अधिकारियों के आवासों और प्रमुख चौराहे पर ही होते हैं। इसकी वजह से कैंपस में लड़कियों की सुरक्षा के मद्देनजर कोई ठोस काम नहीं किया गया है। कैंपस में सड़कों पर चलने वाली लड़कियां अक्सर छेड़छाड़ की घटनाओं को झेलती हैं।
रीजन नं.3:कैंपस में लाइट की व्यवस्था बहुत कम है। ऐसे में शाम को लड़कियों का लंका गेट से हॉस्टल आते वक्त सुनसान रास्ते से होकर गुजरना होता है। जहां उनके साथ छेड़खानी होने के ज्यादा चांसेज होते हैं। इसको लेकर छात्राओं ने शिकायत भी की थी, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई।
रीजन नं. 4:बीएचयू में 3 मेन गेट हैं। इसमें मुख्यद्वार सिंघद्वार लंका, पूरब में छित्तूपुर द्वार, पश्चिम में हैदराबाद गेट है। इन गेट से वाराणसी के रहने वाले लोग भी आवाजाही करते हैं। इसकी वजह से छेड़खानी की घटनाएं और बढ़ जाती हैं।
रीजन नं. 5:इससे पहले भी कई बार छेड़खानी की घटनाएं हुईं लेकिन शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस वजह से छात्राओं में गुस्सा पनपता रहा और अंत में शुक्रवार को छात्राओं ने प्रदर्शन का मन बना लिया।
रीजन नं. 6:छेड़खानी की घटनाओं की जानकारी पर कार्यवाही करने की बजाय बीएचयू प्रशासन इसे कैम्पस की बात कह कर दबाने की कोशिश में लगा रहा।
रीजन नं. 7:महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती न होना भी एक कारण है। इस वजह से लड़कियां कैंपस में ही अनसेफ महसूस करती हैं।
रीजन नं. 8:एक प्रोफेसर ने नाम न छापने के शर्त पर बताया- पीएम मोदी के दौरे के 10 दिन पहले से इस प्रदर्शन की प्लानिंग हो रही थी। 10 दिन पहले से ही जेएनयू और हैदराबाद यूनिवर्सिटी से कुछ स्टूडेंट बीएचयू आए। उन्होंने ही ये प्लान तैयार किया। इसके बाद छेड़खानी को मुद्दा बनाया गया और अनसेफ बीएचयू का नारा देकर प्रदर्शन किया। इस पूरे प्रदर्शन का मोटिव ये था कि पीएम के संसदीय क्षेत्र की छवि इंटरनेशनल मंच पर धूमिल की जाए।