शिवसेना: सरकार से समर्थन वापसी पर अंतिम फैसला जल्द
मुंबई.केंद्र और राज्य में भाजपा की सत्ता सहयोगी शिवसेना ने सरकार से अलग होने के संकेत दिए हैं। शिवसेना सांसद संजय राऊत ने सोमवार को कहा कि पार्टी एनडीए के साथ रहेगी या नहीं, इस मसले पर हम अंतिम फैसले के करीब हैं। इस बारे में पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे जल्द ही निर्णय लेंगे। वहीं, शिवसेना नेता एवं पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने कहा कि पार्टी के अधिकांश विधायक सरकार से समर्थन वापस लेने के पक्ष में हैं।

उद्धव के आवास ‘मोताश्री’ में पार्टी के सांसद, विधायक व मंत्रियों की हुई बैठक के बाद राऊत ने कहा कि राज्य में महंगाई बढ़ रही है। लोगों में भारी नाराजगी है। इस नाराजगी का खामियाजा शिवसेना को न भुगतना पड़े, इसके लिए राज्यव्यापी विशाल मोर्चा निकाला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सरकार को समर्थन देने, किसान कर्जमाफी, महंगाई, पार्टी विधायकों के विकास कार्य न होने के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई।
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गौरतलब है कि रविवार को औरंगाबाद में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नवरात्र के बाद मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत दिए थे। इस कारण शिवसेना का यह बयान विस्तार को देखते हुए भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। ताकि मंत्रिमंडल विस्तार में उसको कुछ लाभ हो सके।
“हमारे पास अधिकार ही नहीं, काम कैसे करें’
बैठक में पर्यावरण मंत्री रामदास कदम और विधायक भरतशेट गोगावले के बीच जमकर बहस हुई। गोगावले ने कहा कि पार्टी के मंत्री विकास कार्य में सहयोग नहीं करते। इस पर कदम भड़क गए। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रियों के बारे में एक जैसी राय रखना उचित नहीं है। आप उस मंत्री का नाम बताएं। हमारे पास अधिकार ही नहीं है तो हम काम कैसे करें। इस दौरान विधायक नीलम गोर्हे और सांसद श्रीरंग बारणे के बीच भी कहासुनी हुई। इस पर उद्धव ने कहा, “मैं इस मुद्दे पर पार्टी विधायकों के साथ अलग-अलग बैठक करूंगा।” भाजपा के विधायकों को विकास के लिए निधि मिलती है, लेकिन शिवसेना के विधायकों को निधि नहीं मिल पाती। इसलिए शिवसेना के अधिकांश विधायकों ने सरकार से समर्थन वापस लेने की मांग की है।”
– रामदास कदम,पर्यावरण मंत्री
– रामदास कदम,पर्यावरण मंत्री
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राणे 21 को लेंगे अगला फैसला, कांग्रेस से अलग हुई राह
भाजपा में शामिल होने के लिए बेकरार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे गुरुवार को अगला फैसला लेंगे। राणे सिंधुदुर्ग के कुडाल में इसी दिन अपने फैसले की घोषणा करेंगे। उन्होंने सोमवार को सिंधुदुर्ग में अपने समर्थकों की मौजूदगी में यह ऐलान किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण के सिंधुदुर्ग जिला कांग्रेस कार्यकारिणी बर्खास्त करने के बाद राणे पहली बार अपने गृह जिले में पहुंचे थे। समर्थकों द्वारा आयोजित सभा में राणे ने प्रदेश अध्यक्ष चव्हाण और पार्टी के दूसरे नेताओं के खिलाफ जमकर हमला बोला। कहा कि चव्हाण ने कांग्रेस को खत्म करने की सुपारी ली है। आगे कहा कि सिंधुदुर्ग जिले में ग्राम पंचायत चुनाव समर्थ विकास पैनल के माध्यम से लड़ा जाएगा। इससे साफ हो गया है कि राणे की राह अब कांग्रेस से अलग हो गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुझ पर अन्याय किया है। मैं अब दिखाऊंगा कि जिले में कांग्रेस की कितनी हैसियत बची है।





