22 अंधे कत्लों का दोबारा होगा इन्वेस्टिगेशन, डीजीपी के आदेश के बाद खुली फाइलें

इंदौर.शहर में सात साल से पेंडिंग अंधे कत्ल और नाबालिग बच्चों के अपहरण के मामले में एक बार फिर से डीजीपी ऋषिकुमार शुक्ला ने जांच के आदेश दिए हैं। वर्ष 2010 से पेंडिंग हत्या, अपहरण, लूट सहित 580 अपराधों को लेकर वे गंभीर नजर आए। उन्होंने कहा कि अपराधों की पेंडेंसी हमेशा पुलिस पर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है, इसलिए इन्हें खत्म करना चाहिए। इसके बाद डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने पेंडिंग सभी प्रमुख मामलों में अब तक हुई इनवेस्टिगेशन से आगे इनवेस्टीगेशन करने के आदेश क्राइम ब्रांच को दिए हैं। उन्होंने बताया कि इन मामलों में 22 ऐसे प्रमुख मर्डर हैं, जिनमें अब तक आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं। इनकी फाइल खोलकर दोबारा जांच करवाई जाएगी। इसके लिए संबंधित थानों से भी टीम गठित करवाएंगे।

22 अंधे कत्लों का दोबारा होगा इन्वेस्टिगेशन, डीजीपी के आदेश के बाद खुली फाइलें

सरोज डोसी हत्याकांड

व्हाइट चर्च कॉलोनी में 15 जून 2012 को फाइनेंसर प्रदीप डोसी की पत्नी सरोज (50) की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। घटना के वक्त सरोज घर में अकेली थीं। बेटी को फोन कर उन्होंने सराफा चलने को बुलाया था, लेकिन बेटी आई तब तक उनकी हत्या हो चुकी थी। पति, बेटी रुचि और दामाद के ईद-गिर्द इस हत्या को लेकर काफी समय तक पुलिस की जांच चली, लेकिन आज तक इस हत्याकांड का आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा है।

इसे भी देखें:- अभी अभी: नेपाल के एक पेट्रोल पंप पर बुर्के में दिखी हनीप्रीत, हरकत में आई पुलिस

ठक्कर दंपती हत्याकांड

स्कीम 114 के रहवासी ठक्कर दंपती की 4 दिसंबर 2012 को दिनदहाड़े घर में ही नृशंस हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद लूट भी हुई थी। पुलिस ने लंबे समय तक जांच की, लेकिन हत्यारे को नहीं पकड़ पाई है। उनके दोनों बेटे आज भी माता-पिता के हत्यारों के पकड़ाए जाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस की जांच दंपती के यहां काम करने वाले नेपाली नौकर तक पहुंची थी। वह उसके साथियों को नौकरी दिलाने लाया था। मामले में क्राइम ब्रांच व कई बड़े अफसरों ने जांच की। विजय नगर चौराहे पर कुछ संदेहियों के सीसीटीवी फुटेज भी मिल गए थे, लेकिन गुत्थी अब तक नहीं सुलझी।

तनु राजौरिया- आरोपियों ने गुनाह कबूला, पर पुलिस को शव नहीं मिला

तिलक नगर के अड़ोस-पड़ोस अपार्टमेंट में इसी साल 17 मार्च को 24 वर्षीय तनु राजौरिया की पति चंदन राजौरिया और उसके दोस्त महिम शर्मा (कांग्रेस नेता) ने गला घोंटकर हत्या कर दी थी। 15 दिन बाद तनु के परिवार ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। तिलक नगर पुलिस ने जांच में संदेह होने पर पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कबूला कि दोस्त महिम के उसने हत्या की थी। बाथरूम में ले जाकर शव के 16 टुकड़े किए और इंदौर से बड़वाह फेंक दिए थे, लेकिन अब तक तनु के शव का कोई भी अंग न पुलिस को मिला न परिजन को। हत्याकांड में आरोपी कोर्ट के सामने हत्याकांड को कबूल कर जेल जा चुके हैं, लेकिन पुलिस अब भी तनु के शव को तलाश रही है।

मेजर रशिकेश शुक्ला हत्याकांड

पलासिया थाना क्षेत्र का ये सनसनीखेज हत्याकांड भी अब तक पेडिंग हैं। आर्मी से रिटायर्ड मेजर रिशकेश शुक्ला की 10 अक्टूबर 2008 को उनके घर के पास सुबह-सुबह मंदिर दर्शन के दौरान तीन बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। एक गोली उनके सीने को भेदते हुए आर-पार हो गई थी। इस हत्याकांड में कई साल से पुलिस जांच कर रही है, लेकिन आरोपी अब तक नहीं पकड़ाए हैं। हालही में इस हत्याकांड से जुड़े कुछ सुराग मिले थे, जिन पर क्राइम ब्रांच जांच कर रही है।

नए सिरे से की जाएगी जांच

वर्ष 2010 से पेंडिंग हत्या के मामलों को क्राइम ब्रांच ने फिर से जांच में लिया है। ठक्कर दंपती, सरोज डोसी सहित 22 अंधे कत्ल हैं, जिनकी दोबारा जांच होगी।
Back to top button