एनजीओ के नाम पर रिश्वत लेते पकड़ा गया ऑडिटर, नहीं निकला कोई जवाब…
जबलपुर. कटंगा स्थित रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी कार्यालय के एक ऑडिटर को लोकायुक्त पुलिस ने 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। ऑडिटर कमलेश साकेत ने एनजीओ के रजिस्ट्रेशन के लिए रिश्वत की मांग की थी। उसे उम्मीद नहीं थी कि लोकायुक्त पुलिस उसे पकड़ भी सकती है। जब उसे पकड़ा गया तब वह इतना घबरा गया था कि थोड़ी देर तक तो उसके मुंह से आवाज नहीं निकली, कुछ देर बाद जब वह सामान्य हुआ तो उसका कहना था कि उसने रिश्वत की मांग की नहीं की, उसे जबरदस्ती पैसे दिए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कटंगा में उद्योग कार्यालय भवन में स्थित रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी के कार्यालय में नरसिंहपुर निवासी हुसैन पठान ने नरसिंहपुर संघर्ष समिति के नाम की एक एनजीओ के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दिया था। इसके लिए कमलेश साकेत ने उसे नरसिंहपुर से जबलपुर बुलाया था। हुसैन पठान का कहना था कि उसे कई बार आवेदन में कमियां निकालकर भटकाया गया, परेशान होकर उसने ऑडिटर से जब सीधे सीधे कहा कि जितने पैसे लगे वह देने तैयार है तो उसका कहना था कि नई एनजीओ के रजिस्ट्रेशन के लिए 12 हजार रुपये लगेंगे। किसी तरह से दस हजार में सौदा तय हुआ।
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रिश्वत की रकम की पहली किश्त के 5 हजार रुपये लेकर हुसैन पठान जब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचा तो ऑडिटर कमलेश ने कहा कि पूरे पैसे लाओ हो? हुसैन ने कहा कि अभी 5 हजार लाया हूं, बाकी बाद में दे दूंगा। कमलेश ने रिश्वत की रकम लेकर टेबल पर फाइल के नीचे रख दी। उसी समय लोकायुक्त छापा दल के डीएसपी दिलीप झरवड़े, अजय गुप्ता, अजय तिवारी, आरक्षक गोविंद सिंह, भूपेन्द्र पटेल, जीत सिंह की टीम ने उसे दबोच लिया।
बिना पैसे लिये काम नहीं करता था
इस मामले में हुसैन पठान का कहना है कि उसे लोगों ने पहले ही जानकारी दे दी थी कि कमलेश साकेत बिना पैसा लिये किसी भी संस्था का रजिस्ट्रेशन नहीं करता। इससे पहले जब वह एक संस्था का रजिस्ट्रेशन कराने गया था तब भी उससे कमलेश ने पैसे ऐंठे थे। इस बार वह ठानकर आया था कि कमलेश को सबक जरूर सिखाएगा। इस मामले में लोकायुक्त दल ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
घर की जांच
लोकायुक्त पुलिस ने कमलेश साकेत के टैगोर नगर स्थित आवास पर भी जांच की, लेकिन यह आवास किराये का हाेना पाया गया। 46 साल के कमलेश के घर आय से अधिक सम्पत्ति से संबंधित कोई कागजात नहीं पाए गए।





