मुंबई में सभागृह में आपस में भिड़े कांग्रेसी कार्यकर्ता…

नागपुर. शहर कांग्रेस का हाइवोल्टेज ड्रामा शुक्रवार को फिर देखने मिला। मनपा सभागृह में कांग्रेसी एक-दूसरे के विरोध में उतर आए। इसी बीच किशोर जिचकार मनोनीत नगरसेवक चुन लिए गए। किन्तु इस विरोध ने विरोधी पक्षनेता तानाजी वनवे की मुश्किलें बढ़ा दी। राऊत गुट के पांच नगरसेवकों ने खुलकर बगावत की। संदीप सहारे, मनोज सांगोले ने तानाजी पर अविश्वास जताते हुए मनोनीत नगरसेवक की नियुक्ति पर स्थगन लगाने की भी मांग की। कहा- पहले जैसी स्थिति नहीं है। आंकड़े बदल गए हैं। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे। हालांकि हाईकोर्ट का नियुक्ति पर कोई स्थगन नहीं होने से महापौर नंदा जिचकार ने किशोर जिचकार को मनोनीत नगरसेवक के रूप में मान्यता प्रदान कर दी।
मुंबई में सभागृह में आपस में भिड़े कांग्रेसी कार्यकर्ता...

 मची उथल-पुथल…

गुरुवार को हाईकोर्ट द्वारा शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे की याचिका खारिज करने के बाद यह स्पष्ट था कि कांग्रेस की ओर किशोर जिचकार ही मनोनीत सदस्य होंगे। किन्तु शाम होते-होते कांग्रेस में फिर उथल-पुथल मची। राऊत गुट के पांच नगरसेवकों द्वारा तानाजी वनवे का साथ छोड़ने की खबर आई। वे किशोर जिचकार की पार्टी में भी शामिल नहीं हुए। गुरुवार शाम को ही महापौर को पत्र देकर तानाजी वनवे गुट से अलग होने की पुष्टि भी कर दी। शुक्रवार को मनपा की आमसभा में इसका असर दिखा। महापौर नंदा जिचकार ने जैसे ही कांग्रेस के मनोनीत सदस्य की नियुक्ति का प्रस्ताव रखा, पूर्व प्रतिपक्ष नेता संजय महाकालकर ने विरोध करते हुए कहा कि किशोर जिचकार के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी का पत्र नहीं जोड़ा गया है। हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। इसलिए नियुक्ति को तब तक स्थगित रखा जाए।

अभी वेट एंड वॉच

^तानाजी वनवे ने विश्वासघात किया है। विरोधी पक्षनेता की नियुक्ति के समय कहा गया था कि सभी को विश्वास में लेकर काम किया जाएगा। किशोर जिचकार का नाम फाइनल करते समय हमें विश्वास में नहीं लिया गया। वनवे ने खुद के काम करवाए हैं, अन्य नगरसेवकों की फाइलें अटकी हुई हैं। फिलहाल वेट एंड वॉच की भूमिका है। समय आने पर तानाजी को बदलने पर विचार किया जाएगा। 
-संदीप सहारे, नगरसेवक राऊत गुट

सुप्रीम कोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा

किशोर जिचकार के नामांकन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पत्र नहीं लगा है। इसलिए वे कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार नहीं हो सकते। हाईकोर्ट का निर्णय अंतिम नहीं है। उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। 
-संजय महाकालकर, पूर्व विरोधी पक्षनेता

इसे भी देखें:- रोहिंग्या मुसलमानों की हालत पर भावुक हुई ममता, कहा- मदद करे संयुक्त राष्ट्र

कांग्रेस का अंदरुनी विवाद है

कांग्रेस के अंदरुनी विवाद को सभागृह में चर्चा करना ठीक नहीं है। यह मंच नहीं है। मनोनीत सदस्य की नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने किसी तरह का स्थगन नहीं दिया है। इसलिए नियुक्ति पर रोक का सवाल ही नहीं उठता है। 
-प्रफुल गुडधे, वरिष्ठ नगरसेवक

हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है

उच्च न्यायालय ने विकास ठाकरे की याचिका खारिज कर दी है। इस बाबत कोई दिशा-निर्देश भी नहीं है। विरोध करने वाले सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र हैं। यह उनका अंतर्गत मामला है। इसके लिए नियुक्ति का प्रस्ताव नहीं रोक सकते हैं। 
-संदीप जोशी, सत्तापक्ष नेता
Back to top button