परेशान महिला ने खिलाया अपनी दो बेटियों को जहर, फिर किया कुछ ऐसा…

  • भोपाल.पति से विवाद के बाद ग्राम बरोदिया में शनिवार को एक आदिवासी महिला ने पहले अपनी दो बच्चियों को जहर खिला दिया और फिर खुद ने जहर खा लिया। मां की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों बेटियों को ग्रामीणों ने शासकीय अस्पताल पहुंचाया। दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पति फरार हो गया। देहात थाना पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है।
      The troubled woman poisoned her two daughters fed, then did something like that ...
    शनिवार सुबह कलाबाई आदिवासी(25) का विवाद अपने पति टंटू आदिवासी (28) से हुआ था। पति काम पर नहीं जाता था और परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसलिए गुस्से में महिला ने अपनी बड़ी बेटी रिमझिम (4) काे जहर खिला दिया। फिर छोटी बेटी पायल (2 ) को जहर खिला दिया। बाद में खुद ने भी जहर खा लिया। कलाबाई की तबियत बिगड़ने के बाद पड़ोस की महिलाओं को जानकारी मिली। महिलाएं मौके पर पहुंची तो तीनों बेहाल थी। गांव के निर्भयसिंह यादव ने 108 पर सूचना दी। दोपहर करीब 1 बजे तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिमझिम की आधा घंटे बाद मृत्यु हो गई। पायल को बचाने के लिए डाक्टर दो घंटे तक हर संभव प्रयास करते रहे लेकिन उसको नहीं बचाया जा सका।

    पति देखकर भाग गया

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    घर में भीड़ देखकर महिला का पति टंटू आया। जैसे ही देखा उसकी पत्नी मर चुकी है। बच्चियों की हालत खराब है। बच्चियों को अस्पताल ले जाने की बजाय भाग गया। टंटू आदिवासी वन विभाग खदान पर पत्थर कटाई का काम करता है। सुबह उसका पत्नी से काम नहीं करने और आर्थिक तंगी की वजह से खासा विवाद हुआ था। विवाद के बाद पति चला गया था। इसके बाद पत्नी ने यह कदम उठाया। एसडीओपी आरआर बंसल का कहना है पति की तलाश की जा रही है। उसको पकड़ने की कोशिश चल रहीे है। उसके आने के बाद ही सही स्थिति का पता चलेगा

    शर्मनाक… चौकीदार चला गया नहाने, बोला बाद में ले चलेंगे अस्पताल

    निर्भय यादव इंदौर में काम करता है। वह इन दिनों गांव आया था। मौके पर चौकीदार प्रदीप अहिरवार भी था। उससे कहा बच्चियों को उपचार के लिए अस्पताल लेकर चलते हैं। चौकीदार ने कहा वह नहाने जा रहा है। नहाने के बाद अस्पताल चलेंगे। इसके बाद चौकीदार लौटा ही नहीं। यदि चौकीदार उसी समय आने को तैयार हो जाता तो बच्चियों को बाइक से लाया जा सकता था।

    मदद… ग्रामीणों ने कराया भर्ती

    गांव के निर्भय यादव ने बताया आंगनबाड़ी के पास ही आदिवासियों के मकान हैं। मकान के सामने भीड़ देखी और महिलाओं के रोने की आवाज सुनी तो वह भी मौके पर पहुंचे। देखा कलाबाई मर चुकी थी लेकिन उसकी दोनों बेटियों की सांस चल रही थी। उन्होंने तत्काल 108 को सूचना दी।
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