दोनों पार्टियों ने कहा- चंदा और सहयोग से आए रुपए

भाजपा और कांग्रेस दोनों ने कहा है कि पार्टी की आमदनी में चंदा और आर्थिक सहयोग प्रमुख है. एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने कहा है कि वर्ष 2016-17 में पार्टी को स्वैच्छिक योगदान से सबसे अधिक 997.12 करोड़ रुपए प्राप्त हुए, जो पार्टी की कुल आय का 96.41 प्रतिशत है. वहीं कांग्रेस ने कहा है कि इसी अवधि में पार्टी को 115.644 करोड़ रुपए की आय हुई जो मुख्यतः पार्टी द्वारा जारी ‘राजस्व के लिए कूपन’ से हुई. भाजपा ने कहा है कि उसने चुनाव और सामान्य प्रचार के मद में 606.64 करोड़ और कर्मचारी लागत में 69.78 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. वहीं कांग्रेस ने सबसे अधिक व्यय चुनाव खर्च में 149.65 करोड़ रुपए और प्रशासनिक व सामान्य व्यय में 115.65 करोड़ रुपए का खर्च घोषित किया है.

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राष्ट्रीय दलों ने स्वैच्छिक योगदान से ज्यादा धन जुटाया

देश के सभी राष्ट्रीय दलों ने अपनी आय का प्रमुख स्रोत स्वैच्छिक योगदान बताया है. इन दलों ने कहा है कि 74.98 प्रतिशत यानी 1169.07 करोड़ रुपए की आमदनी स्वैच्छिक योगदान से अर्जित की गई है. इन दलों ने बैंकों से ब्याज और फिक्स्ड डिपॉजिट से 128.60 करोड़ रुपए की आमदनी दिखाई है. एडीआर ने अपनी रिपोर्ट के आकलन में कहा है कि सभी सातों राष्ट्रीय दलों में से 4 पार्टियां, भाजपा, कांग्रेस, राकांपा और भाकपा, पिछले पांच वर्षों से अपना ऑडिट रिपोर्ट लगातार देरी से जमा कर रहे हैं. भाजपा और कांग्रेस ने इन वर्षों में औसतन 6 महीने के देरी से रिपोर्ट जमा की है.