33 साल पुराने दोस्त आजम खान के समर्थन में मुलायम, ढाई साल बाद करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव आज दोपहर एक बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. मुलायम ढाई साल के बाद लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय में प्रेस को संबोधित करेंगे. ‘यादव कुनबे’ में घमासान के बाद मुलायम ने कभी भी प्रेस से बात नहीं की. ऐसे में लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि स्वास्थ्य ठीक न होने के बावजूद आखिर मुलायम सिंह यादव को यह प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों करनी पड़ रही है?

दरअसल मुलायम सिंह यादव के दोस्त और साथी आजम खान इन दिनों मुसीबत में घिरे हुए हैं. लोकसभा चुनाव के बाद से ही आजम खान पर लगातार मुकदमे दर्ज हो रहे हैं. भैंस चोरी और लूटपाट से लेकर जमीन हड़पने सहित 76 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. आजम खान पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है. यही वजह है कि ढाई साल के बाद मुलायम सिंह को आजम खान के समर्थन में पत्रकारों को संबोधित करेंगे.

आजम की पत्नी ने की मुलायम से मुलाकात

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा राज्यसभा सांसद हैं. बताया जा रहा है कि रविवार को उन्होंने लखनऊ में मुलायम सिंह यादव से लंबी मुलाकात की. इस दौरान तंजीम फातिमा ने मुलायम सिंह के आजम खान पर दर्ज हो रहे मामलों को विस्तार से बताया और साथ ही अपने पति को बचाने की गुहार लगाई.

रामपुर से सांसद आजम खान की पत्नी से मुलाकात के बाद मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बातचीत पूरे मामले पर बातचीत की. इस बाद फिर तय हुआ कि मुलायम सिंह यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इसके लिए अखिलेश ने समाजवादी पार्टी के ऑफिस में ही पत्रकार वार्ता करने का सुझाव दिया, जिस पर मुलायम सिंह फौरन तैयार हो गए.

33 साल पुरानी है मुलायम-आजम की दोस्ती

बता दें कि मुलायम सिंह यादव और आजम खान की दोस्ती करीब 33 साल पुरानी है. यही वजह रही जब मुलायम सिंह यादव ने 1992 में लोकदल से नाता तोड़कर समाजवादी पार्टी का गठन किया तो उनके साथ मजबूती से खड़े रहने वाले नेताओं में आजम खान ही थे. मुलायम के ज्यादातर साथी या सपा छोड़ चुके हैं या फिर अब वो दुनिया में नहीं रहे.

मौजूदा समय में आजम खान एकलौता नेता हैं. यही वजह है कि मुलायम सिंह यादव को अपने दोस्त को बचाने के लिए ढाई साल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करना पड़ रही है. बता दें कि आजम खान के समर्थन में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पिछले ही महीने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी किया था.

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