जालौर में अतिक्रमण की कार्रवाई पर 24 घंटे बाद सरकार ने दी सफाई- कोई भी परिवार बेघर नहीं हुआ

कल पूरे देश में ओडवाड गांव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया की सुर्खियां बने रहे। जिनमें पुरुष, महिलाएं बच्चे रोते-बिलखते दिखाई दिए क्योंकि उनके घर, जिनमें वे पीढ़ियों से रह रहे थे, अचानक उजाड़ दिए गए।
लेकिन घटना के 24 घंटे बाद 17 मई को सरकार की तरफ से जो बयान आया है, वह हैरान कर देने वाला है। सरकारी बयान है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई विधिपूर्ण व शांतिपूर्वक की गई है। रहवासी आवास से किसी भी प्रकार के अतिक्रमण अभी तक नहीं हटाए गए हैं तथा कोई भी परिवार बेघर नहीं हुआ है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान महिलाओं एवं बच्चों पर कोई बलप्रयोग नहीं किया गया है। यह बयान जालौर कलेक्टर की तरफ से आया है।
सरकार की तरफ से आई इस सफाई में आगे कहा गया है कि उच्च न्यायालय के निर्णय दिनांक 16.03.2021 व अवमानना याचिका सं. 433/2022 में पारित आदेश, दिनांक 21.03.2023 व अवमानना याचिका सं. 648/2023 में पारित आदेश तथा 07.05.2024 की पालना में ग्राम ओडवाड़ा की ओरण भूमि से गुरुवार को अतिक्रमण हटाए गए हैं। यह कार्रवाई विधिपूर्ण व शांतिपूर्वक की गई है। किसी भी प्रकार के रहवासी आवास अभी तक नहीं हटाए गए हैं तथा कोई भी परिवार बेघर नहीं हुआ है। अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई के दौरान महिलाओं एवं बच्चों पर कोई बल प्रयोग नहीं किया गया है तथा न ही किसी प्रकार का दुर्व्यवहार पुलिस बलों द्वारा किया गया है। सभी अतिक्रमण समझाइश करके हटाए गए हैं। उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना में गुरुवार को बाड़ व बाउण्ड्री वॉल हटाने की कार्रवाई की गई है, जिसमें कोई भी आवासीय मकान शामिल नहीं है।





