पंचकूला में मोरनी के एक गेस्ट हाउस में 22 वर्षीय विवाहिता से चार दिन तक 40 लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि युवती को रोजाना खाने में नशीला पदार्थ दिया जाता था और नौ से दस व्यक्ति उससे दुष्कर्म करते।

मामले का पता तब चला, युवती वहां से किसी तरह निकली और अपने पति को फोन कर सारी कहानी बताई। युवती बस से पंचकूला पहुंची, जहां से उसका पति उसे थाने ले गया। वहां पहुंच पुलिस ने उसकी कोई सुनवाई नहीं की। युवती ने बाद में मनीमाजरा पुलिस को पूरी घटना बताई। वहां पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लवली गेस्ट हाउस के मालिक सुनील व मैनेजर अवतार को गिरफ्तार कर लिया।

मामला पंचकूला के अधिकार क्षेत्र का होने के चलते यूटी पुलिस ने शुक्रवार को केस पंचकूला ट्रांसफर कर दिया। पंचकूला में केस ट्रांसफर होते ही पुलिस कमिश्नर चारु बाली ने तीन पुलिस कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। इन तीनों ने केस रजिस्टर्ड करने से मना कर दिया था। कमिश्नर ने जांच के लिए एसआइटी बना दी है। पुलिस ने गेस्ट हाऊस के सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर कब्जे में ले ली है।

यह है मामला

लवली गेस्ट हाऊस के मालिक सुनील सन्नी ने मनीमाजरा की एक युवती के पति को कहा था कि उसे रायपुररानी की तरफ सफाई के लिए महिला की जरूरत है। उसके बाद पति ने 15 जुलाई को अपनी पत्नी को ही काम करने के लिए भेज दिया। सुनील ने कहा था कि उसके रहने खाने का प्रबंध भी हमारा होगा। पर आरोपित सुनील युवती को फार्म हाउस की बजाय मोरनी के लवली गेस्ट हाउस ले गया।

वहां से उसे नशे के इंजेक्शन देने की धमकी दी जाती। उसके खाने में नशा मिलाकर बेहोश कर देते थे। पीड़िता के अनुसार 15 से 18 जुलाई तक उससे रोजाना अलग-अलग लोगों ने दुष्कर्म किया। जब उसने कुछ आरोपितों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि कि वे पुलिसवाले हैं। उसने बताया कि चार दिन तक कभी नौ तो कभी दस लोग उससे दुष्कर्म करते थे।

चंडीगढ़ की महिला से 4 दिन तक 40 लोग करते रहे सामूहिक दुष्कर्म

रिमांड पर लेकर पूछा जाएगा-कौन से पुलिसवाले शामिल थे

इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपित सुनील, अवतार एवं एक अन्य को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी। उसके बाद अन्य आरोपितों के बारे में पूछताछ की जाएगी। पीड़िता ने कुछ पुलिसवालों द्वारा भी दुष्कर्म किए जाने की बात भी कहीं है, लेकिन वह वर्दी में नहीं थे। डीसीपी राजेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि वह कौन सी पुलिस से संबंधित हैं, यह नहीं कहा जा सकता।