1971 विजय दिवस: इंडियन आर्मी वाली ये 5 फिल्में पाकिस्तान में हैं बैन

भारतीय सेना की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्मे हमेशा से ही पाकिस्तान में बैन कर दी जाती हैं। भारतीय सेना के इर्द-गिर्द घूमने वाली किसी फिल्म को हमेशा पाकिस्तान ने डर कर बैन कर दिया है।
सनी देओल, सुनील शेट्ठी, अक्षय खन्ना जैसे सितारों से सजी इस मल्टीस्टारर फिल्म का डायरेक्शन जेपी दत्ता ने किया था। भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1971 में हुए युद्ध पर बनी इस फिल्म को पाकिस्तान में बैन कर दिया गया था। डायरेक्टर फिल्म से शांति का संदेश देते हुए युद्ध से बचने की अपील कर रहे थे। मगर फिर भी क्योंकि इसमें युद्ध का जिक्र था शायद इसलिए पाकिस्तान ने इस फिल्म को वहां दिखाना जरूरी नहीं समझा।
संजय दत्त, अजय देवगन, सैफ़ अली खान, सुनील शेट्टी, संजय कपूर अभिषेक बच्चन, अक्षय खन्ना जैसे मल्टीस्टारर इस फिल्म को भी एंटी-पाकिस्तान करार देकर पड़ोसी मुल्क ने बैन कर दिया था। जेपी दत्ता ने इस फिल्म से भी कारगिल युद्ध के हालातों को बताने की कोशिश की थी। फिल्म में एलओसी के पास चल रहे ऑपरेशन विजय और बैटल ऑफ टोलोलिंग पर फोकस किया गया था।
भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 में हुए युद्ध पर आधारित इस फिल्म में मनोज बाजपेयी, रविकिशन, पीयूष मिश्रा, मानव कौल और दीपक डोबरियाल ने अहम भूमिकाएं निभाई थी। नेशनल अवार्डी इस फिल्म का पाकिस्तान में बैन होना लाजिमी था, क्योंकि इस फिल्म में उन 6 भारतीय सैनिकों की कहानी को फिल्माया गया था जिन्हें साल 1971 में हुए पाकिस्तान युद्ध के दौरान बंदी बना लिया गया था और उन पर ज्यादतियां की गई थी।
पाकिस्तान सेंसर बोर्ड ने आपत्तिजनक दृश्यों को लेकर बॉलीवुड की एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘नाम शबाना’ के प्रदर्शन पर रोक लगाई थी। हालांकि, शुरुआत में उसने कुछ दृश्यों पर कैंची चलाने के साथ इस फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी थी। लेकिन इस्लामाबाद में एक सिनेमाघर ने दृश्यों में अनिवार्य कांट-छांट के बिना फिल्म प्रदर्शित की जिसके कारण इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया। ‘नाम शबाना’ साल 2015 में आई फिल्म ‘बेबी’ का प्रीक्वेल थी। फिल्म में अक्षय कुमार, तापसी पन्नू, अनुपम खेर, मधुरिमा तुली और डैनी डेंजोग्पा के साथ मनोज वाजपेयी फिल्म का नया चेहरा थे।
साल 2015 में रिलीज हुई इस फिल्म में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में थे। जो स्पेशल ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान जाकर ‘हाफिज सईद’ से मिलते-जुलते कैरेक्टर को भारत उठाकर लाने में सफल रहते हैं। नीरज पांडे के निर्देशन में बनी इस फिल्म का कुल बजट 58.97 करोड़ था। जिसने बॉक्स ऑफिस पर 143 करोड़ का कारोबार कर डाला। बेहद सफल रही इस फिल्म को पाकिस्तान में प्रतिबंधित कर दिया गया।





