हुआ एक और बड़ा ऐलान… अब 10 लाख से ज्यादा की इनकम पर भी नहीं लगेगा टैक्स, लोगों में खुशी की लहर

लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने अंतरिम बजट में हर वर्ग के लोगों को राहत देने की कोशिश की है. बजट में किसानों को एक निश्चित रकम दी जाएगी तो वहीं 5 लाख की सालाना कमाई तक वाले लोगों को टैक्स नहीं देना होगा. वहीं 5 लाख रुपये से ज्यादा कमाई वाले लोगों को पुराने स्लैब के मुताबिक 20 फीसदी टैक्स देना होगा.
हालांकि थोड़ी सी भी आपने समझदारी दिखाई तो आपकी 10 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई भी टैक्स फ्री हो जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिकजिन लोगों की सालाना आय 10.50 लाख रुपये तक है उन्हें एक पैसे का टैक्स नहीं देना होगा. लेकिन इसके लिए कुछ शर्तों पर खरा उतरना जरूरी है.
क्या है शर्तें
अगर आपकी कमाई 10 लाख 50 हजार रुपये है तो रकम में से स्टैंडर्ड डिडक्शन का 50 हजार रुपये निकाल दें. स्टैंडर्ड डिडक्शन वो एक एकमुश्त रकम है जिसे सैलरी से हुई आपकी कुल कमाई में से घटा दिया जाता है और उसके बाद टैक्सेबल इनकम की कैलकुलेशन की जाती है. बता दें कि पहले स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा 40 हजार रुपये थी, इसे बढ़ाकर 50 हजार किया गया है. स्टैंडर्ड डिडक्शन में कटौती के बाद आपके पास बचे 9 लाख 85 हजार रुपये बचते हैं.
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अब आपको 50 हजार रुपये का NPS में निवेश करना होगा. इसके अलावा होम लोन के ब्याज पर अधिकतम 2 लाख रुपये की डिडक्शन मिल जाएगी. वहीं 80C के तहत निवेश 1.50 लाख रुपये की बचत कर सकते हैं. इसके बाद मेडिक्लेम 80D और 80 D के तहत मेडिकल क्लेम पर आपको 75 हजार रुपये की छूट मिल जाएगी.अगर आपने डोनेशन किया है तो 25,000 रुपये की छूट मिल जाएगी. इन सब डिडक्श के बाद आपकी कुल टैक्सेबल इनकम 5,00,000 रुपये बनती है. इस टैक्सेबल इनकम में से ढाई लाख रुपये तक की छूट मिलती है. अब आपके ढाई लाख रुपये बचे और इस 5 फीसदी टैक्स लगेगा.
अब कैल्कुलेशन के बाद आपका कुल टैक्स 12,500 रुपये बनेगा. सरकार ने सेक्शन 87A के तहत मिलने वाले रिबेट को 2500 से बढ़ाकर 12,500 कर दिया है. यानि 12,500 या उससे कम का टैक्स देना पड़ता था तो उसे 12,500 की रिबेट मिल जाएगी. और उसकी टैक्सेबल इनकम शून्य (0) हो जाएगी.
हालांकि इतनी बड़ी रकम निवेश करने की आदत आमतौर पर लोगों में नहीं होती है लेकिन 10 लाख से ज्यादा कमाई को टैक्स फ्री करने के लिए यह शर्तें पूरी करनी जरूरी हैं.
कैलकुलेशन से समझें
आपकी सालाना इनकम 10 लाख 50 हजार रुपये है तो
– स्टैंडर्ड डिडक्शन – 50 हजार रुपये
टैक्स सेविंग की शर्तें
80C के तहत निवेश – 1.50 लाख रुपये होनी चाहिए
डोनेशन के तहत – 25 हजार रुपये होनी चाहिए
NPS में निवेश- 50 हजार रुपये होनी चाहिए
मेडिक्लेम 80D (Self)- 25 हजार रुपये होनी चाहिए
मेडिक्लेम 80 D ( माता-पिता ) – 50 हजार रुपये होनी चाहिए
होम लोन पर ब्याज – 2 लाख रुपये होनी चाहिए
अब टैक्सेबल इनकम- 5 लाख रुपये
कुल टैक्स 12500 रुपये
87A के तहत रिबेट – 12500 रुपये
इसके बाद कुल टैक्स- 0
यहां बता दें कि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानि जिन लोगों की कमाई 5 लाख रुपये से ज्यादा है उन पर पुराने टैक्स स्लैब के मुताबिक ही टैक्स लगेगा.





