हार्टअटैक से हुई थी दाऊद की बहन की मौत, नाम से कांपता था मुंबई शहर

  • मुंबई. हाल ही में फिल्म एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर की फिल्म ‘हसीना: द क्वीन ऑफ मुंबई’ का ट्रेलर लांच हुआ है। यह फिल्म एक दबंग महिला हसीना पार्कर पर बेस्ड है, जिसके नाम से पूरा मुंबई कांपता था। ‘आपा’ के नाम से फेमस हसीना अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन और गैंगस्टर अब्राहम पार्कर की पत्नी थी। जो 1991 के बाद मुंबई में दहशत का दूसरा नाम बन गई थी। मुंबई के नागपाड़ा में लोग उसे ‘गॉड मदर’ के नाम से भी पुकारते थे। अगस्त में फिल्म रिलीज होने जा रही है।
    हार्टअटैक से हुई थी दाऊद की बहन की मौत, नाम से कांपता था मुंबई शहर
     
    – हसीना पार्कर का जन्म महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले की एक मुस्लिम फैमिली में हुआ था। उसके पिता इब्राहिम कासकर मुंबई पुलिस डिपार्टमेंट में हेड कॉन्स्टेबल थे और मां अमीना बी एक हाउस वाइफ थी।
    – उसका भाई दाऊद इब्राहिम ‘D Company’ नाम से 80 के दशक में गैंग चलाता था। उसकी वजह से ही इब्राहिम फैमिली लाइमलाइट में आई थी।

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    – दाऊद 12 भाई बहनों में तीसरे नंबर का था। उसने एक समय पूरी मुंबई पर राज किया और शहर को पूरी तरह बदल कर रख दिया था। उसके जुर्मों ने उसे देश छोड़कर भागने के लिए मजबूर कर दिया और क्राइम की दुनिया का तीसरा मोस्ट वांटेड क्रिमनल बना दिया।
    – हसीना दाऊद से छोटी और 12 भाई बहनों में 7वें नंबर की थी। भाई के देश छोड़ने के बाद हसीना ने क्राइम की दुनिया पर राज किया। हसीना पर लगभग 88 केस थे। खास बात ये है कि उसने कोर्ट में सिर्फ एक बार हाजिरी लगाई थी। 
    – 5 अप्रैल, 1997 को हसीना का पासपोर्ट नंबर A-2745364 6 अप्रैल, 2007 तक वैलिड था। 14 फरवरी, 2005 को मुंबई क्राइम ब्रांच से लौटते वक्त उसने अपना पासपोर्ट खो देने के बाद नए पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया, लेकिन क्रिमिनल एक्टीविटीज में नाम होने और दाऊद से मजबूत रिश्ता होने की वजह से रिजेक्ट कर दिया गया। इसके बाद उसके वकील श्याम केसवानी ने पासपोर्ट कैंसिलेशन को लेकर शिकायत दर्ज की थी। 
    – 6 जुलाई 2014 को 55 साल की उम्र में हसीना की हार्ट अटैक आने से मौत हो गई थी। उसके जनाजे में 5000 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे।

     
    दाऊद की प्रॉपर्टी की रखवाली करती थी
    – हसीना पार्कर का जुर्म से कोई नाता नहीं था। दरअसल 1991 में गैंगस्टर अरुण गवली ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए हसीना के पतिअब्राहम पार्कर की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। बस यहीं से उसने क्राइम की दुनिया में कदम रखा। अपने जीजा की हत्या का बदला लेने के लिए दाऊद ने अरुण गवली की जेजे हॉस्पिटल में शूटआउट कर हत्या करवा दी। आपकों बता दें उस समय का यह सबसे सेंसेशनल केस था।
    – इसके बाद हसीना मुंबई में नागपाड़ा स्थित गॉर्डन हॉल अपार्टमेंट में शिफ्ट हो गईं। बताया जाता है कि उसे ये घर उसे इतना पसंद आया था कि इसका ताला तोड़कर नाजायज तरीके से रहने लगी। उस वक्त हसीना का इलाके में इतना खौफ था कि किसी की उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं हुई थी।
    – वह कई गैरकानूनी कामों में शामिल थी, लेकिन आसपास के लोगों के लिए किसी गॉडमदर से कम नहीं रही। एक मैग्जीन के मुताबिक इलाके के एक लोकल दुकानदार ने बताया था कि हसीना आपा ने उसकी भागी हुई बहन को वापस लाने में मदद की थी। इसके लिए खुद हसीना ने फोन लगाया था।
    – फिल्मी दुनिया के लोगों से फिरौती लेने से लेकर विदेशों में रिलीज के राइटस् को लेकर डील करना, झोपड़-पट्टियों की जमीन को लेकर कारोबार, हवाला रैकेट, केबल ऑपरेटर्स का धंधा जैसी चीजों से उसका नाम जुड़ा था। इन सबके बावजूद उसके खिलाफ सिर्फ एक ही एफआईआर दर्ज हुई थी।
    – दाऊद के देश छोड़ने के बाद हसीना अपने भाई के 54 बेनामी प्रॉपर्टीज की देखरेख करती थी। जिसमें नागपाड़ा में 6 होटल, पीर खान रोड पर स्थित गुड लक लॉज समेत कई प्रॉपटीज पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
     
    दाऊद की बात भी नहीं मानी
    – हसीना स्लम रीडवलपमेंट अथॉरिटी (SRA) का एक प्रोजेक्ट लेना चाहती थी। इस मामले में हसीना के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की गई थी। दाऊद अपनी बहन के इस बिजनेस से खुश नहीं था। दाऊद ने इसके लिए हसीना को मना भी किया था, लेकिन हसीना नहीं मानी। हसीना प्रॉपर्टी डिलिंग का काम भी करती थी और इसके लिए भारी कमीशन भी लेती थी।
    – उस पर किताब लिखने वाले हुसैन जैदी से एक इंटरव्यू में हसीना ने बताया था कि उसका भाई दाऊद बुरा है, लेकिन इतना भी नहीं जितना उसे बना दिया गया है। हसीना का कहना था कि उसके भाई के खिलाफ लगाए गए कई केस झूठे थे।
     
     
     
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