सेक्स स्लेव के आकर्षण में आईएस से जुड़ा था परभणी का युवक

परभणी से पकड़े गए संदिग्ध आईएस आतंकी के खिलाफ शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल की गई। जांच कर रही एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) का कहना है कि पकड़ा गया नासिर उर्फ कादिर बिन अबु बकर यफई चाउश यौन गुलामों के आकर्षण में आईएस से जुड़ा था। 31 वर्षीय नासिर को उसके संदिग्ध आईएस से कनेक्शन के चलते एटीएस ने तीन महीनों की लगातार जांच के बाद 14 जुलाई को मराठवाड़ा के परभणी से पकड़ा था। जांच में पता लगा है कि नासिर को आईएस के स्थानीय मॉड्यूल का प्रमुख नियुक्त किया गया था। पुलिस के अनुसार पूछताछ में नासिर ने बताया कि वो इंटरनेट पर सेक्स स्लैव ढूंढते हुए आतंक के आकाओं के संपर्क में आया था।

इंटरनेट पर ढूंढता था सेक्स स्लेव, देखता था वीडियो
नासिर और तीन अन्य के खिलाफ दाखिल 3632 पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने नासिर की सेक्स गुलामों के लिए ऑनलाइन सर्च और चैटिंग का जिक्र किया है। एक अधिकारी के अनुसार आरोपी फेसबुक और मोबाइल ऐप से चैट पर चैटिंग करते हुए आतंक के आकाओं से सेक्स गुलामों के बारे में पूछता था।
चार्जशीट के अनुसार उसने अबुबब्दुला123, अबुहमदान, गुमनामभाई और गुमनामभाई123 के नाम से ईमेल आईडी बना रखे थे ताकि वो अपने हैंडलर्स से बात कर सके। एक वरिष्ठ एटीएस अधिकारी जिन्होंने नासिर और उसके आकाओं के बीच हुइ चैट की जांच की है उनका कहना है कि आरोपी का आईएस से जुड़ने का पहला कारण उसका सेक्स गुलामों के प्रति आकर्षण था।
वो इन महिलाओं के की उम्र, उनके शहर और लुक को लेकर सवाल करता था। नासिर की ऑनलाइन सर्फिग हिस्ट्री की जांच में पता चला है कि वो घंटों इंटरनेट पर सेक्स गुलाम के बारे में सर्च करता था साथ ही उनकी तस्वीरें और वीडियो देखता रहता था।
पत्नी ने सबसे पहले पकड़ा
एटीएस के अधिकारियों की माने तों नासिर की पत्नी ने सबसे पहली उसके व्यवहार में बदलाव देखा और उसका विरोध शुरू किया। जब उसने अपनी पत्नी की बातों को तवज्जों नहीं दी तो वो अपने ससुर के पास पहुंची और शिकायत की। जांच टीम का दावा है कि आतंकी संगठन आईएस ने अपना भर्ती के अलावा आतंकी वारदातों का तरीका बदला है। उनका ऑनलाइन प्रॉपगैंडा इतना प्रभावी है कि कोई पढ़ा लिखा और समझदार व्यक्ति भी उनके संपर्क में आकर प्रभावित हो सकता है।
आईएस ने बदला तरीका
आईएस के काम करने के तरीके को काफी समय से स्टडी कर रहे एक अधिकारी के अनुसार वो अपने शिकार पर लगातार नजर रखते हैं, इंटरनेट पर उसकी पसंद और नापसंद पता करते हैं। अगर उसका धर्म के प्रति ज्यादा रुझान है तो उसे धार्मिक साहित्य पढ़ने को दिया जाता है जो बदले हुए अर्थ और मनगढ़ंत अनुवाद के साथ आता है।





