सीआईए का खुलासा, ऐसे करती थी भारतीयों की जासूसी

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) ने हाल ही में 930,000 सीक्रेट दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इसमें करीब एक करोड़ बीस लाख पन्ने हैं। इन क्लासीफाइड दस्तावेजों में भारत में जासूसी से संबंधित कागज भी हैं। इनके अध्ययन से पता चला है कि सीआईए 1940 के दशक से ही भारत में अपनी जासूसी का दायरा बढ़ा रही थी। सीआईए ने सुभाषचंद्र बोस से लेकर सत्य साई बाबा तक की जासूसी की थी और उनके बारे में सूचनाएं एकत्रित की थी।
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1975 में भारत में इमरजेंसी के दौरान सीआईए को इस बात की भनक तक नहीं थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी क्या करने वाली थीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद वो कदम उठाने वाली थीं, इसकी जानकारी भी अमेरिकी खुफिया एजेंसी के पास नहीं थी। 1990 में सीआईए ने धर्मगुरु सत्य साई बाबा के क्रियाकलापों पर काफी नजर रखी थी तथा जो रिपोर्ट तैयार की गई थी, उसमें यह आशंका जताई गई थी कि यदि इसी प्रकार से बाबा के अनुयायी बढ़ते गए तो जल्द ही वो दुनिया का सबसे बड़ा नया धर्म बना लेंगे।





