सरकार आदेश मानने वाले अधिकारियों के नाम बताए, कार्रवाई की चेतावनी
मुंबई. राज्य में जेलों की स्थिति सुधारने को लेकर अदालत की ओर से दिए गए आदेशों को लागू करने के लिए कौन-कौन से अधिकारी जिम्मेदार है? राज्य सरकार इसका पता लगाए। ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया।
न्यायमूति अभय ओक न्यायमूर्ति एके मेनन की खंडपीठ ने कहा कि वैसे तो यह मामला राज्य के मुख्य सचिव के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई का है लेकिन हम राज्य के मुख्य सचिव को अदालत के निर्देशों का पालन करने के लिए एक और अवसर दे रहे हैं।
खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि मामले की अगली सुनवाई के दौरान भी हमे महसूस हुआ कि अदालत के निर्देशों का पालन नहीं हुआ है तो हमारे पास राज्य के मुख्य सचिव कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना कानून के खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। हाईकोर्ट ने 1 मार्च 2017 को राज्य में अतिरिक्त जेलों के निर्माण का निर्देश दिया था। इसके साथ ही कहा था कि सरकार राज्य की जेलों में पर्याप्त शौचालय स्नानगृह बनाए। कैदियों को दिए जाने वाले खाने को परखने के लिए पर्याप्त आहार विशेषज्ञ उपलब्ध कराए जाए। सरकार ऐसे जरूरी कदम उठाए जिससे जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों को रखा जाए। सरकार राज्य में आदर्श जेलों का निर्माण करे।





