संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से…

 20 जुलाई यानी सोमवार से शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र के काफी हंगामेदार होने के आसार हैं। भाजपा के नेतृत्व वाले सत्ताधारी राजग और विपक्षी दलों, दोनों ने अपनी कमर कस ली है।

राजग का जोर जहां इस सत्र में आयकर संशोधन, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक सहित सात अहम बिलों को पारित कराने पर रहेगा। वहीं, विपक्ष नीट-यूजी पेपर लीक और अयोध्या में श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर सत्तापक्ष को घेरने की पूरी रणनीति तैयार किए बैठा है।

इस विधेयक को फिर से पारित करने के प्रयास में सरकार

सूत्रों के अनुसार, सरकार पूर्व में पर्याप्त संख्या बल न होने की वजह से अस्वीकृत किए जा चुके संविधान संशोधन विधेयक ( लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने वाले परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक) को फिर से पारित कराने की कोशिश करेगी, हालांकि यह अभी विधायी एजेंडे में सूचीबद्ध नहीं है।

खास बात ये भी है कि इस सत्र में कई सांसद ऐसे भी होंगे जो विपक्ष की बजाय इस बार सत्ता पक्ष खेमे में बैठे दिखाई देंगे। वजह, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी के बागी सांसद राजग के साथ आ चुके हैं। विपक्ष में फूट के बाद बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच नया सत्र शुरू होगा। यही नहीं, सोमवार को ही ‘काकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) का संसद तक मार्च प्रस्तावित है।

सीजेपी संसद भवन से महज दो-तीन किलोमीटर दूर जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक प्रकरण में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रही है। वहां धरने पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने शनिवार को स्वास्थ्य कारणों से उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया। विपक्ष इस मुद्दे को भी भुनाने की कोशिश करेगा।

Back to top button