आज से बदल जाएगी बिहार की सरकारी शिक्षा! 521 मॉडल स्कूलों का शुभारंभ

बिहार सरकार आज राज्य के 521 मॉडल स्कूलों का शुभारंभ करेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बेगूसराय से ऑनलाइन इसका उद्घाटन करेंगे। नालंदा जिले के 20 प्रखंडों में एक-एक स्कूल को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है, जहां स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, आधुनिक लैब और प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
बिहार सरकार शिक्षा को आधुनिक बनाने और उसे निजी संस्थानों की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज ऑनलाइन माध्यम से राज्य के 521 मॉडल स्कूलों का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य आयोजन बेगूसराय में होगा, जहां से मुख्यमंत्री इस योजना की शुरुआत करेंगे।
नालंदा में 20 स्कूल होंगे हाईटेक
इस राज्यव्यापी पहल का असर नालंदा जिले में भी दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। जिले के सभी 20 प्रखंडों से एक-एक विद्यालय का चयन मॉडल स्कूल के रूप में किया गया है। इन विद्यालयों को ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, ताकि सरकारी स्कूलों में भी निजी संस्थानों जैसा अनुशासन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र ने बताया कि इन स्कूलों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नालंदा के चयनित विद्यालयों में अस्थावां आरएसबी, गुरुशरणपुर (बेन), जवाहर कन्या (बिहारशरीफ), बिंद हाई स्कूल, तुलसीगढ़ (चंडी), एसएस एकेडमी (एकंगरसराय), चोरसुआ (गिरियक), गोनावां पोआरी (हरनौत), आरएस (हिलसा), नेताजी सुभाष (इस्लामपुर), मकरौता (करायपरसुराय), गोवर्धन बिगहा (कतरीसराय), सरदार बिगहा (नूरसराय), भेभी (नगरनौसा), बड़ी मठ (परवलपुर), पैठना सर्वोदय (रहुई), बेलदार बिगहा (राजगीर), सरमेरा हाई स्कूल, रास बिहारी (सिलाव) और अस्ता हाई स्कूल (थरथरी) शामिल हैं।
स्मार्ट क्लास से आधुनिक लैब तक, मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं
अधिकारियों की मानें तो मॉडल स्कूलों में छात्रों को स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, बेहतर फर्नीचर और समृद्ध पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस योजना का सीधा लाभ नौवीं और दसवीं कक्षा के करीब 18,899 विद्यार्थियों को मिलेगा। इससे बिहार की सरकारी शिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन होने का दावा किया जा रहा है।
मेधावी छात्रों को मिलेगा प्रवेश
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश प्रक्रिया को भी विशेष बनाया गया है। इन स्कूलों में केवल राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। साथ ही बेहतर शिक्षण व्यवस्था के लिए प्रत्येक सेक्शन में छात्रों की संख्या अधिकतम 40 रखी गई है।
120 शिक्षकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया में सिर्फ आधारभूत सुविधाओं का विकास ही नहीं, बल्कि शिक्षण पद्धति में भी बदलाव किया गया है। करीब 120 शिक्षकों को एससीईआरटी (SCERT) पटना और डाइट के माध्यम से गतिविधि आधारित शिक्षण, आधुनिक मूल्यांकन तकनीक और विद्यालय प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। कठिन विषयों की पढ़ाई के लिए छात्र डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विशेषज्ञ शिक्षकों से भी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।





