संसदीय मंजूरी न मिलने पर फिर से हुआ जारी तीन तलाक पर नया अध्यादेश

नई दिल्ली। विधेयक को संसदीय मंजूरी नहीं मिलने के चलते नया अध्यादेश जारी किया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते अध्यादेश को फिर से जारी करने की स्वीकृति दी थी। तीन तलाक की प्रथा पर रोक लगाने एवं उसे दंडनीय अपराध बनाने के संबंध में सरकार एक बार फिर अध्यादेश लेकर आई है। शनिवार को जारी किए गए मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अध्यादेश, 2019 के तहत एक बार में तीन तलाक लेना गैरकानूनी, अवैधानिक होगा और पति को इसके लिए तीन साल की कैद हो सकती है।
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कैबिनेट ने इन संशोधनों को 29 अगस्त, 2018 को मंजूरी दे दी थी। अध्यादेश इसे भले ही एक “गैर जमानती” अपराध बनाता है लेकिन एक आरोपी मुकदमे से पहले ही जमानत के लिए मजिस्ट्रेट के पास जा सकता है।
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प्रस्तावित कानून के दुरुपयोग के डर को कम करने के लिए सरकार ने इसमें कुछ निश्चित सुरक्षा उपाय शामिल किए है जैसे कि मुकदमे से पहले आरोपी की जमानत के प्रावधान को इसमें जोड़ा गया है। एक गैर जमानती अपराध में जमानत सीधे पुलिस या पुलिस थाने से नहीं मिल सकती है।

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