वाराणसी, सिगरा इलाके में तीन जगहों पर संदिग्ध हालत में अटैची मिलने पर हड़कंप मच गया। आईपी मॉल के पीछे दो अटैची, जबकि कुबेर कॉम्पलेक्स के पास मिली है। लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है। बम स्कवॉयड की जांच में दोनों अटैची खाली मिली है। पुलिस को आशंका है कि ये किसी की शरारत हो सकती है। फिलहाल ये जांच का विषय है।
जांच का विषय है: एसपी सिटी
-एसपी सिटी दिनेश सिंह के मुताबिक,” अभी ये जांच का विषय है। क्या किसी ने शरारत की है, या फिर किसी इंटेनशन के साथ इस अटैची को लाया गया है। फिलहाल तीनों अटैची की जांच में कुछ भी मिला नहीं है।
अलर्ट पर इंटेलिजेंस एजेंसी और पुलिस
– आज रामनवमी का दिन है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे स्थिति में संदिग्ध हालत में तीन अटैचियों का मिलना, पुलिस के लिए जांच का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस और खुफिया विभाग अलर्ट पर हैं।
कब-कब और कहां हुआ धार्मिक नगरी में ब्लास्ट
23 फरवरी 2005 (दशाश्वमेध घाट)
– 23 फरवरी 2005 को पहली बार आतंकियों ने वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर ब्लास्ट किया।
– इस धमाके में सात लोगों की जान गई थी जबकि करीब 16 लोग घायल हो गए थे।
– जांच एजेंसियां काफी दिनों तक इसे सिलेंडर ब्लास्ट मानती रहीं। बाद में पुष्टि हो पाई कि ये आतंकी कार्रवाई थी।
7 मार्च 2006 (संकट मोचन और कैंट रेलवे स्टेशन)
– 7 मार्च 2006 की शाम वैवाहिक स्थल के पास तेज धमाका हुआ।
– ठीक उसी वक्त एक और धमाका कैंट रेलवे स्टेशन के पर्यटक रूम के हुआ। – धमाके से जमीन में दो फीट गड्ढे बन गए।
– इस सीरियल ब्लास्ट में 27 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 160 लोग घायल हो गए।
23 नवंबर 2007 (कचहरी)
– 23 नवंबर 2007 की दोपहर में वाराणसी कचहरी में धमाका हुआ।
– इसमें 9 लोगों की मौत हो गई जबकि 155 से अधिक लोग घायल हो गए।
– पहला धमाका कलेक्ट्रेट में लोवर लॉकअप के पास और दूसरा दीवानी सेशन कोर्ट के पास हुआ।
7 दिसंबर 2010 (शीतला घाट)
– 7 दिसंबर 2010 की शाम करीब 6.40 बजे शीतला घाट में गंगा आरती चल रही थी। तभी एक धमाका हुआ।
– इसमें दो की मौत हो गई जबकि करीब 35 लोग घायल हो गए। इनमें कई विदेशी सैलानी शामिल हैं।