वैज्ञानिकों का दावा, अगर कोरोना की वैक्सीन बन गई, तो ऐसे लोगों पर नहीं करेगी काम!

कोरोना वायरस का प्रकोप दुनियाभर में बढ़ता ही जा रहा है। ताजे आंकड़े के मुताबिक 90.3 लाख लोग इस भयावह वायरस के संक्रमण से ग्रसित हैं। वहीं 5 लाख के करीब लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस की वैक्सीन की खोज में हर देश लगा हुआ है लेकिन अभी तक किसी के हाथ सफलता नहीं लगी है।

इनसब के बीच वैज्ञानिकों ने इसके वैक्सीन को लेकर दावा किया है कि कोरोना वैक्सीन उन लोगों के लिए काम न करे जिन्हें इस बीमारी से सबसे अधिक खतरा है। यानी बुजुर्गों को वैक्सीन से शायद लाभ न मिले। वैज्ञानिकों ने इसके लिए सुझाव दिए हैं कि अगर बुजुर्गों के आसपास रहने वाले लोगों को वैक्सीन देकर इम्यून कर दिया जाए तो उनका खतरा घट जाएगा। इसके लिए कहा गया हैं कि अगर बुजुर्गों के आसपास रहने वाले लोगों को ये दवा देकर इम्यून कर दिया जाए तो उनका खतरा कम हो जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक लंदन के इंपीरियल कॉलेज के प्रोफेसर पीटर ओपेनशव ने ब्रिटिश संसद के साइंस एंड टेक्नोलॉजी कमेटी से कहा कि वैक्सीन देने के लिए अलग-अलग ग्रुप को टार्गेट करना होगा। इसे अलावा ये भी पता लगाना होगा कि अधिक उम्र के लोगों के इम्यून सिस्टम में क्या परेशानी आती है। अगर इस बात का पता चल जाता है तो ऐसे लोगों को वैक्सीन के साथ-साथ एंटी इन्फ्लैमेटरी दवा जैसे कि से लाभ मिल सकता है।
इसके अलावा इंग्लैंड की प्रमुख हेल्थ एजेंसी नेशनल हेल्थ सर्विस की मदद से ये स्टडी प्रकाशित की है। स्टडी में कहा गया है कि कोरोना से एक बार ठीक हो चुके करीब 30 फीसदी मरीजों को जिंदगी भर फेफड़ों की बीमारी से परेशान रहना पड़ सकता है।





