वीडियोकॉन के दफ्तरों पर सीबीआई ने की छापेमारी, मामला दर्ज

मुंबई। आईसीआईसीआई की पूर्व प्रबंध संचालक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एफआईआर दर्ज की है। सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी सीबीआई महाराष्ट्र के मुंबई स्थित चार ठिकानों पर छापेमारी हो रही है।
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इसी दौरान 2012 में विडियोकॉन को आईसीआईसीआई बैंक से 3250 करोड़ रुपये का लोन मंजूर किया गया था। इसमें से 2849 करोड़ रुपये अब भी बकाया है और इस लोन एकाउंट को अब एनपीए यानी डूबा हुआ ऋण घोषित किया जा चुका है।
बता दें कि चंदा कोचर के पति दीपक और वीडियोकॉन के मालिक धूत ने 2008 में 50-50 पार्टनरशिप में न्यूपावर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (एनआरपीएल) की स्थापना की थी, लेकिन धूत ने एक महीने बाद ही कंपनी के निदेशक के रूप में त्यागपत्र दे दिया और इसमें अपने शेयर दीपक के नाम ट्रांसफर कर दिए। उनके पति दीपक कोचर से जुड़े ऋण मामले में मुंबई, औरंगाबाद में वीडियोकॉन मुख्यालयों पर छापे मारे जा रहे हैं।
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सुप्रीम एनर्जी मार्च, 2010 तक न्यूपावर में 94.99 फीसदी की हिस्सेदार हो गई। बाकी 4.99 फीसदी शेयर दीपक के पास रहे। वर्ष 2010 से 2013 के बीच सुप्रीम एनर्जी की पूरी शेयरधारिता पहले महेश पुंगलिया को और फिर बाद में उनसे दीपक के स्वामित्व वाले एक ट्रस्ट को नौ लाख रुपये में ट्रांसफर कर दी गई। 2010 में धूत के स्वामित्व वाली सुप्रीम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने एनआरपीएल को 64 करोड़ रुपये का लोन दे दिया। इसके बदले में न्यूपावर के शेयर सुप्रीम एनर्जी के नाम ट्रांसफर किए गए।





