वसुंधरा राजे के नाम से फर्जी लेटर ने गरमाई सियासत

राजस्थान की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से एक कथित फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस पत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर अलग राय होने का दावा किया गया था।
राजस्थान की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पत्र में संघ प्रमुख मोहन भागवत को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल और परिसीमन जैसे मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग राय व्यक्त की गई थी।
कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना
पत्र सामने आते ही राजनीतिक माहौल गर्मा गया। कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे असली मानते हुए बीजेपी पर निशाना साधा और पार्टी के भीतर मतभेदों के आरोप लगाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर यह मामला तेजी से ट्रेंड करने लगा और इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
वसुंधरा राजे ने किया फर्जी पत्र का खंडन
हालांकि, विवाद बढ़ने के बीच खुद वसुंधरा राजे ने सामने आकर इस पत्र को पूरी तरह फर्जी करार दिया। उन्होंने X पर स्पष्ट किया कि “सांच को आंच की जरूरत नहीं है” और वायरल पत्र को “शुभचिंतकों की कारगुजारी” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने के प्रयासों का वे समर्थन करती हैं और देश की हर महिला इसका स्वागत कर रही है।
विवाद धीरे-धीरे हुआ शांत
राजे ने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि कुछ लोग भ्रम फैलाने और बाधाएं उत्पन्न करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन देश की नारी शक्ति न रुकी है और न रुकेगी। उनके इस स्पष्ट खंडन के बाद मामला धीरे-धीरे शांत होता नजर आया।





