लखनऊ: बिना नोटिस सर्राफा को ले गयी नेपाल पुलिस, भारत सरकार पर उठे सवाल

लखनऊ। पिछले महीने नेपाल पुलिस द्वारा लखनऊ के 65 वर्षीय सर्राफा किशोरी लाल के अपहरण के मामले में अब लखनऊ पुलिस सखते में आ गयी है। इस मामले में एसएसपी ने जांच शुरू कर दी है। सर्राफा के बेटे विकास सोनी ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और विदेश मंत्री को पत्र लिखकर उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। कथित तौर पर नेपाल में 13 साल पहले हुए सामूहिक हत्याकांड को लेकर मड़ियांव निवासी किशोरी लाल को लेकर गयी है।
नेपाल पुलिस की दबंगई पर एसएसपी का बयान
इस मामले में लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि इसके लिए नेपाल दूतावास से संपर्क किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रियदर्शिनी कॉलोनी निवासी सराफ किशोरी लाल को 28 सितंबर की शाम सफेद रंग की स्विफ्ट कार सवार लोग ले गए। इस मामले में आईपीसी की धारा 364 के तहत (हत्या के लिए अपहरण या अपहरण) मामला दर्ज किया गया है। किशोरी लाल के बेटे विकास सोनी ने मड़ियांव थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

Lucknow: Copy of the FIR that has been lodged at Madiyava police station in connection with the 28th September abduction of jeweller Kishorilal Soni who is in Nepal police’s custody now. pic.twitter.com/zxqeLPCMe5
— ANI UP (@ANINewsUP) October 6, 2018

एसएसपी ने बताया कि इस मामले में जांच के दौरान घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। बाद में पीड़ित के परिवार नेपाल से कॉल आयी कि सर्राफा किशोरी लाल हिरासत में रखा जा रहा है। बाद में पता चला कि किशोरी लाल को नेपाल के नेपालगंज में 13 साल पहले उनके दामाद दीपक हेमकर समेत पांच लोगों की हत्या के आरोप में वहां की पुलिस पकड़कर ले गई है।
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नैथानी ने बताया कि नेपाल मित्र देश है लेकिन उन्हें भारत से किसी भी व्यक्ति को पकड़ने के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि नेपाल पुलिस ने न ही भारतीय दूतावास को सूचना दी न ही स्थानीय स्तर पर पुलिस से संपर्क किया। भारतीय दूतावास और नेपाली दूतावास से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी की जा रही है।

#WATCH: CCTV footage of 65-year-old Lucknow jeweller Kishorilal Soni being abducted on 28th Sept, while he was returning from his shop. He was later taken to Nepal, where he has been placed under police custody. pic.twitter.com/pmAC8w02di
— ANI UP (@ANINewsUP) October 5, 2018

साथ ही उन्होंने कहा कि आखिर कैसे नेपाल पुलिस देश में घुसकर किसी व्यक्ति को उठा ले जाती है और बाद में नेपाल-भारत के बार्डर से उनकी गिरफ्तारी दिखाती है।
सर्राफा के बेटे ने सरकार पर उठाए सवाल
इस मामले में सर्राफा किशोरी लाल के बेटे विकास सोनी ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि नेपाल पुलिस लखनऊ से एक निर्दोष भारतीय नागरिक का अपहरण कर उसे नेपाल ले जाती है। क्या भारत सरकार की कोई जिम्मेदार नहीं है कि उसके नागरिकों में से एक को दूसरे देश में ले जाया गया है। विकास ने बताया कि यूपी पुलिस ने हमें बताया कि पुराने चोरी और हत्या के मामले में नेपालगंज में पूछताछ के लिए मेरे पिता को रखा गया। पुलिस ने कहा कि वे हमारी मदद करने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि अब ये मामला नेपाल पुलिस का है।

Vikas Soni,son of 65-yr-old Lucknow jeweller Kishorilal Soni who was abducted on Sep 28,says,”Nepal Police abducts an innocent Indian citizen from Lucknow &takes him to Nepal. Does Indian govt not feel responsible that one of its citizens has been taken away to another country.” pic.twitter.com/RBZ6HQBpbD
— ANI UP (@ANINewsUP) October 6, 2018

सर्राफा के बेटे ने बताया कि यूपी पुलिस ने हमें एक नंबर दिया जिस पर नेपाल पुलिस कर्मियों ने मुझे मेरे पिता से बात करवायी। मेरे पिता ने बताया कि उन्हें उनकी दुकान के पास से अपहरण कर लिया गया था। लेकिन अभी वह कहां हैं। उन्हें नहीं पता। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से साबित होता है कि उनके पिता का अपहरण कर लिया गया था।
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वहीं सर्राफा की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए और मेरे पति को सम्मानपूर्वक भारत वापस लाया जाना चाहिए। हम नेपाल पुलिस पर भरोसा नहीं है।
क्या है 13 साल पुराना मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च 2006 में किशोरी लाल के दामाद व नेपाल के प्रतिष्ठित सर्राफा कारोबारी दीपक हेमकर, उनके पिता जगदेव हेमकार (62), मां सीता देवी (45), दादी गुलाब देवी (82) और नौकर बांके कुसुम की हत्या कर दी गयी थी साथ ही 29 लाख रुपये के जेवर-नकदी लूट लिए गए थे। इस घटना के वक्त दीपक की पत्नी व किशोरी लाल की बेटी दीपा भारत आई हुई थीं।
वहीं हत्या के तीन साल बाद दीपा भी ससुराल की पूरी संपत्ति बेचकर भारत लौट आई थी और उसके बाद से ही मायके में रह रही हैं। इस हत्याकांड की जांच में नेपाल पुलिस को किशोरी लाल की भूमिका संदिग्ध लगी है। इसके बाद पुलिस ने लखनऊ से उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, दस्तावेजों में पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी भारत-नेपाल सीमा से दिखाई है। किशोरी लाल को उठाकर ले जाने की सीसीटीवी फुटेज मिली थी, जिस पर सराफ के बेटे विकास ने मड़ियांव पुलिस से संपर्क किया। मड़ियांव पुलिस ने उन्हें बताया कि किशोरी लाल को नेपाल पुलिस पांच हत्याओं के मामले में ले गई है।
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