राजस्थान में मौसम का यू-टर्न: आंधी-बारिश के साथ 70KM रफ्तार से चलेंगी हवाएं

राजस्थान में मौसम ने फिर करवट ली है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के कई हिस्सो में आंधी-बारिश और तेज हवाओं का दौर अगले एक सप्ताह तक जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार एक नया मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 4 मई को बीकानेर, अजमेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कई इलाकों में मौसम ज्यादा प्रभावी रह सकता है।
इस दौरान कई क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं सामान्य दिनों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि आंधी-बारिश की गतिविधियों के असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहेगा। इससे लोगों को हीटवेव और भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।
मौसम में आए बदलाव के कारण प्रदेश के ज्यादातर शहरों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। हालांकि जैसलमेर में हीटवेव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने 8वीं तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने प्रदेश के 19 जिलों में आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट तथा 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
वहीं रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला। दौसा, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर और हनुमानगढ़ में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। कई जगह पेड़ गिर गए, जबकि तेज अंधड़ में झुग्गी-झोपड़ियां तक उड़ गईं।
दौसा जिले के मानपुर क्षेत्र में करीब एक घंटे तक तेज आंधी के साथ बारिश और ओले गिरे। जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर मानपुर चौराहे के पास एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे करीब 40 मिनट तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। वहीं मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र में भी ओलावृष्टि हुई।
राजधानी जयपुर में हवामहल के सामने पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। उधर, अलवर जिले के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मिलकपुर गांव में तेज आंधी के चलते कई पेड़ धराशायी हो गए। कोटपूतली-बहरोड़ के नारायणपुर और दौसा के लालसोट क्षेत्र में भी ओले गिरने की घटनाएं सामने आईं।





