युवराज ने अपने संन्यास पर दी प्रतिक्रिया और कहा-कुछ बातों का खुलासा वो वक्त आने पर ही करेंगे…

Yuvraj Singh told about his retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तूफानी बल्लेबाज युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने कुछ ही दिन पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। अपने रिटायरमेंट को लेकर युवी ने पहली बार काफी खुलकर बात की। एक टीवी पर अपने इंटरव्यू में युवी ने कहा कि उन्हें कुछ बातों का मलाल तो है पर वो समय आने पर इन बातों का खुलासा करेंगे।

युवी ने बताया कि उन्हें क्रिकेट में इस स्थान को हासिल करने के लिए किसी की सिफारिश का सहारा नहीं लेना पड़ा। उन्होंने अपने दम पर क्रिकेट खेला और इस मुकाम को हासिल किया। युवी ने कहा कि मैं किसी के दम पर आगे नहीं बढ़ा। संन्यास लेने का फैसला कड़ा था, लेकिन हर खिलाड़ी की जिंदगी में ऐसा पल आता है। युवी से जब पूछा गया कि बीसीसीआइ ने उन्हें मौका क्यों नहीं दिया तो इस पर उनका कहना था कि उन्होंने कहा कि इसका सही जवाब उन्हें कप्तान और बोर्ड से ही मिल सकता है।

टीम इंडिया को अब तक नंबर चार के लिए कोई ठोस बल्लेबाज नहीं मिल पाया है इस पर युवी ने कहा कि मुझे इसका मलाल जरूर है कि खिलाड़ियों के साथ अच्छा व्यव्हार नहीं हुआ। मैंने जब वापसी की तो 4 या 5 मैचों में मैंने करीब 800 रन बनाकर दिए फिर भी मुझे टीम से बाहर कर दिया गया। इसके बाद एक वर्ष तक नंबर चार पर अंबाती रायुडू को आजमाया गया। विश्व कप के पहले एक दौरे पर वो अच्छा नहीं खेले ते उन्हें बाहर कर दिया गया। फिर लोकेश राहुल को चार नंबर पर मौका दिया गया। इसके बाद दिनेश कार्तिक को आजमाया गया। कार्तिक के बाद रिषभ पंत को लाया गया। मुझे समझ नहीं आता कि भारतीय थिंक टैंक चाहता क्या है। खिलाड़ियों के साथ इस तरह का व्यवहार अच्छा नहीं है इससे उनका आत्मविश्वास डगमगा जाता है। नंबर चार का बल्लेबाज मध्यक्रम के मुख्य बल्लेबाज होता है। अगर दो विकेट जल्दी गिर जाए तो वो स्थिति को संभालता है। वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की तरफ से नंबर चार के बल्लेबाज ने बेस्ट स्कोर 48 रन बनाए थे।

युवी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि टीम इंडिया को विश्व कप में पता ही नहीं था कि उनका नंबर चार के बल्लेबाज कौन है। ये टीम के सेलेक्शन कमेटी पर जरूर सवाल खड़े करता है। ऐसा तो राज्य की टीम में भी नहीं होता है। अगर आप नंबर चार पर उन खिलाड़ियों को मौका दे रहे हैं जो 6 या 7 पर बल्लेबाजी करते हैं तो उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। क्या आप हर मैच के लिए रोहित व विराट पर निर्भर रहोगे। आपके पास कोई प्लान नहीं था। ये काफी हैरानी भरा है कि टीम इंडिया नंबर चार के बल्लेबाज की प्लान के ही विश्व कप खेलने चली गई।

युवी ने जहीर और सहवाग की विदाई पर कहा कि जब उन्हें मैदान से विदाई नहीं मिली तो उनके सामने तो मेरे आंकड़े कुछ भी नहीं है। मुझे उनके लिए बुरा लगता है क्योंकि वो मैदान से विदाई के हकदार थे। जब युवी से पूछा गया कि वो किस तरह से  अपनी जिंदगी के खुलासे करेंगे तो उन्होंने कहा कि अभी फैसला नहीं किया है कि किस तरह खुलासे करूंगा। मैं निजी तौर पर किसी की आलोचना नहीं करना चाहता हूं। पर कई ऐसी गड़बड़ियां हुई हैं जो सवाल खड़े करती है। सही वक्त पर मैं खुलकर अपनी  बातें रखूंगा।

Back to top button