भीमा कोरेगांव: 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में रहेंगे अरुण फरेरा और वेरनन गोंजाल्विस

उच्चतम न्यायालय ने इतिहासकार रोमिला थापर की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। उन्होंने एसआइटी को भीमा कोरेगांव मामले की जांच करने से रोकने और महाराष्ट्र पुलिस को अपनी जांच जारी रखने की अर्जी लगाते हुए याचिका दायर की थी। इसके अलावा पुणे की सत्र एवं जिला न्यायालय ने भीमा कोरेगांव के आरोपी वेरनन गोनसाल्विज और अरुण फरेरा को 6 नवंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
बता दें कि इस मामले में आज उच्चतम न्यायालय में भी अहम सुनवाई है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ रोमिला थापर द्वारा दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करेगी। उच्चतम न्यायालय ने अपनी पिछली सुनवाई में इस मामले में एसआईटी जांच से इनकार कर दिया था और पुणे पुलिस को ही इस मामले की जांच आगे बढ़ाने को कहा था। इसके बाद रोमिला थापर ने उच्चतम न्यायालय के इस फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी।





