भारत रत्न पर रामदेव का बड़ा सवाल, बोले 70 साल में किसी सन्यासी को क्यूं नहीं मिला?

हरिद्वार। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न पर योग गुरु रामदेव ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि आजादी के 70 साल बाद भी केंद्र सरकार को कोई ऐसा साधु नहीं मिला, जिसे भारत रत्न से सम्मानित किया जा सके। क्या किसी साधु ने राष्ट्र निर्माण में योगदान नहीं दिया है? बता दें इस बार मोदी सरकार ने देश की तीन हस्तियों प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का एलान किया है।
70 सालों में केंद्र को एक भी ऐसा सन्यासी नहीं मिला, जिसे भारत रत्न पुरस्कार दिया जा सके
केंद्र के इस फैसले पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि आजादी के 70 सालों में केंद्र सरकार को एक भी ऐसा सन्यासी नहीं मिला, जिसे भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी श्रद्धानंद, स्वामी विवेकानंद, स्वामी शिव कुमार महाराज ने राष्ट्र निर्माण के लिए महान कार्य किए हैं। रामदेव ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह अगले साल गणतंत्र दिवस की शुभबेला के दिन किसी सन्यासी को भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित करें। स्वामी रामदेव ने कहा कि प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिए जाने से इस पुरस्कार का सम्मान बढ़ा है। रामदेव ने नानाजी देशमुख और सुप्रसिद्ध गायक भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का भी स्वागत किया।
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प्रियंका गांधी के सवाल पर रामदेव बोले  पत्रकार मुझे चाहते हैं फंसाना ?
प्रियंका गांधी को कांग्रेस का महासचिव बनाए जाने पर रामदेव ने कहा कि पत्रकार क्या मुझे इस मामले पर फंसाना चाहते हैं? बाबा रामदेव कहा कि वे निर्दल हैं, वे न तो पक्ष में है न विपक्ष में उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है? वे 2019 के लोकसभा चुनाव के महासंग्राम के लिए सभी राजनीतिक दलों को अपनी शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में भीषण महासंग्राम होगा जो भी सरकार केंद्र में बनेगी उसे राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। वहीं जब बाबा रामदेव से पूछा गया कि वह किस पार्टी के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे तो बाबा रामदेव का कहना है कि वह न तो पक्ष है न विपक्ष है वह निष्पक्ष है। वह सर्वदलीय हैं और निर्दलीय हैं।
राम मंदिर पर कहा कि राम राष्ट्र का स्वाभिमान
राम मंदिर निर्माण में हो रहे विलंब पर योग गुरु बाबा रामदेव का कहना है कि भगवान श्रीराम राजनीतिक मुद्दा नहीं है और न ही यह किसी पार्टी के लिए वोट बैंक है। राम इस राष्ट्र के स्वाभिमान हैं और इस राष्ट्र में रहने वाले हर व्यक्ति के आचरण भी हैं। भगवान श्रीराम को इस राष्ट्र में सम्मान मिलना चाहिए और जो भी कानूनी प्रक्रिया चल रही हैं। उन्हें जल्द पूरा कर एक भव्य राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए।

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