भारत में तेजी हुई कोरोना के लिए जंग, देश में लगातार 3 दिनों से…

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग तेज हो गई है और यही वजह है कि भारत में पहली बार एक दिन में सबसे ज्यादा कोरोना टेस्ट हुए हैं। देश में वैश्विक महामारी कोविड-19 के दिन प्रतिदिन बढ़ते कहर को थामने के लिए बुधवार को भारत में 11 लाख 72 हजार 179 कोरोना सैंपल्स की रिकॉर्ड जांच की गई, जो एक दिन में किए गए टेस्ट के मामले में अब तक सबसे अधिक है। देश में कोरोना का प्रकोप पूरे पीक पर है और इसकी रोकथाम के लिए जांच, उपचार और संपर्क का पता लगाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 सितंबर को 11 लाख 72 हजार 179 नमूनों की रिकार्ड जांच की गई। दो सितंबर तक कोरोना वायरस की कुल 4 करोड़ 55 लाख नौ हजार 380 नमूनों की जांच की जा चुकी है। मंगलवार को दस लाख 12 हजार 367 नमूनों का परीक्षण किया गया।
इंडियन मेडिकल काउंसिल रिसर्च की ओर से जारी डेटा के मुताबिक, लगातार तीन दिनों से 10 लाख से अधिक कोरोना के टेस्ट हो रहे हैं। वहीं, एक पखवाड़े के भीतर यह चौथा मौका है जब कोरोना वायरस की एक दिन में दस लाख से अधिक नमूनों की जांच की गई।
इससे पहले देश में 29 अगस्त को रिकार्ड 10 लाख 55 हजार 27 नमूनों की जांच की गई थी। वहीं 21 अगस्त को दस लाख 23 हजार 836 कोरोना जांच की गई थीं और एक दिन में 10 लाख से अधिक संक्रमण परीक्षण करने वाला विश्व में भारत तीसरा देश बना था। हालांकि, कोरोना टेस्ट के नंबर में इजाफे के साथ-साथ कोरोना केस के आंकड़ों में भी तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। बुधवार को देशभर में कोरोना वायरस के 81934 केस सामने आए थे।
सफदरजंग अस्पताल में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ.जुगल किशोर ने कहा कि बढ़ती कोरोना केसों की संख्याओं से हमें बहुत ज्यादा चिंतित नहीं होना चाहिए। अगर सरकार अधिक कोरोना टेस्ट करती है तो हमें मामले भी अधिक देखने को मिलेंगे। अच्छी बात यह है कि हमारी मृत्यु दर वैश्विक औसत और अधिकांश यूरोपीय देशों और अमेरिका की तुलना में कम है। हम अभी भी नहीं जानते कि क्यों, लेकिन इसका मतलब है कि हमें बहुत चिंतित नहीं होना चाहिए। हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं कि लोग कोरोना से बचने की प्रैक्टिस का पालन करना बंद कर दे, जैसे मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना।
वहीं, कोरोना वायरस से मौतों की बात करें तो बुधवार को 1026 मौतें दर्ज की गईं, जिससे यह आंकड़ा 67478 पहुंच गया। लगातार दूसरे दिन हजार से अधिक मौतें दर्ज की गईं। भारत में मृत्यु दर 1.75 फीसदी है, जो कि दुनिया में सबसे कम है। वैश्विक तौर पर यह 3.3 फीसदी है। इसके अलावा, रिकवरी रेट भी भारत में बेहतर है। करीब 60 हजार लोग एक दिन में इस कोरोना वायरस से रिकवर हो रहे हैं। भारत में कोरोना वायरस से रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या तीस लाख के करीब पहुंचने वाली है।





