पटना. सांसद और लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती पति शैलेष के साथ ईडी के ऑफिस पहुंची हैं। उनथे ईडी के अफसर पूछताछ कर रहे हैं। जिसमें महिला ऑफिसर्स भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि मीसा से पूछने के लिए ईडी के अफसरों ने करीब 40 सवालों की लिस्ट तैयार की है। ईडी ने मीसा और उनके पति को सोमवार को समन जारी किया था। उन्हें मंगलवार को पेश होने को कहा गया था। 8 जुलाई को ईडी ने मारे थे छापे…
– बेनामी प्रॉपर्टी के मामले में ईडी (इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट) ने मीसा भारती के दिल्ली स्थित 3 ठिकानों पर 8 जुलाई को छापे मारे थे।
– ईडी ने इसी संबंध में मीसा और उनके पति शैलेष को समन जारी किया है।
जैन ब्रदर्स के ठिकानों पर भी चलाया था सर्च ऑपरेशन
– ईडी ने मीसा भारती के जिन ठिकानों पर छापा मारा था उनमें दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के पास बिजवासन फार्महाउस, सैनिक फार्म और घिटोरनी के ठिकाने शामिल थे। ये छापे मनी लॉन्ड्रिंग केस में मारे गए थी।
– इनके अलावा ईडी के अफसरों ने जैन ब्रदर्स बीरेंद्र और सुरेंद्र कुमार के ठिकानों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया था। जैन ब्रदर्स के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच की गई।
– इन छापों के संबंध में ईडी की टीम मीसा के पति शैलेष को अलग-अलग जगहों पर ले गई थी। तब उनसे करीब छह घंटे पूछताछ की गई थी।
मीसा का जैन ब्रदर्स से क्या है कनेक्शन?
– ईडी को शक है कि कारोबारी बीरेंद्र जैन और सुरेंद्र कुमार जैन ने करीब 8000 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की है।
– जैन ब्रदर्स ने ही मीसा को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए दिल्ली के बिजवासन में करीब डेढ़ करोड़ का फार्म हाउस दिलाया।
– मई में मनी लॉन्ड्रिंग केस में मीसा भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीएम) राजेश अग्रवाल को इन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट ने अरेस्ट कर किया था।
– इस मामले में शेल कंपनियों के कारोबारी बीरेंद्र जैन और सुरेंद्र कुमार जैन की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल वो जेल में हैं। उन पर कई हाई-प्रोफाइल लोगों की ब्लैकमनी को व्हाइट करने का आरोप है।
जैन ब्रदर्स पर क्या है आरोप?
– जैन ब्रदर्स पर आरोप है कि उन्होंने मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार की बंद पड़ी कंपनी मीशैल पैकर्स के 10 रुपए मूल्य के 1 लाख 20 हजार शेयर 90 रुपए प्रीमियम पर खरीदे। फिर इस पैसे का इस्तेमाल दिल्ली के बिजवासन में 1.41 करोड़ रुपए में 3 एकड़ का फार्म हाउस खरीदने में किया गया।
– ईडी के मुताबिक जैन ब्रदर्स पर नेताओं और उनके परिवार वालों की ब्लैकमनी को शेल कंपनियों के जरिए लीगल करने के एवज में कमीशन लेने का आरोप है। ईडी ने इस फार्म हाउस को भी जब्त कर लिया है।