पटना. राजधानी सहित प्रदेश के कई हिस्सों में गुरुवार रात 12 बजे से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक बादल जमकर बरसे। एक स्पेल में पहली बार 110 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 300 मिमी बारिश पश्चिम चंपारण के त्रिवेणी वाल्मिकी में हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के असिस्टेंट डायरेक्टर आनंद शंकर के मुताबिक- पिछले पांच दिनों तक बिहार के 80 फीसदी से अधिक स्थानों पर अच्छी बारिश होगी।
– बिहार में दो सिस्टम एक साथ सक्रिय होने के कारण जोरदार बारिश हुई।
– उत्तराखंड से बिहार का उत्तरी हिस्सा होते हुए पूर्वी भारत तक ट्रफ बना हुआ था।
– यूपी में बना ऊपरी हवा का चक्रवात भी बिहार के पश्चिम इलाके तक पहुंच गया।
– सिस्टम बेहद मजबूत होने के कारण जोरदार बारिश हुई।
– शुक्रवार शाम तक यह सिस्टम बिहार के पूर्वी इलाके में शिफ्ट हो गया।
बाढ़ आने पर 6 जगह लगेगा राहत कैंप
– पटना में बाढ़ राहत कैंप के लिए 6 जगह चयनित की गई है। बाढ़ आने पर बिहार विद्यापीठ, सदाकत आश्रम, दीघा, कृष्णा मंदिर घाट, कुर्जी मोड़, मध्य विद्यालय दीघा पोस्ट ऑफिस घाट, आईटीआई दीघा, पाटीपुल घाट दीघा, बीएन कॉलेजिएट, पटना में राहत कैंप होगा।
– कैंप तक पहुंचाने की जिम्मेवारी सीओ की होगी। जिला आपदा प्रबंधन के एडीएम शशांक शेखर सिन्हा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रात में राहत और बचाव के लिए इन्फ्लेटबल लाइट सिस्टम की व्यवस्था होगी।
– इस लाइट की खासियत है कि कहीं भी बिना तार और बांस बल्ला लगाए आसानी से लगा सकते हैं। लाइट होंडा जेनरेटर पर जलता है और अधिक लाइट देती है।
आज खुले रहेंगे पटना के सभी स्कूल
– शनिवार को सभी स्कूल खुले रहेंगे। जहां पानी भरा है वहां स्टूडेंट स्कूल नहीं जा पाते हैं तो उन्हें स्कूल में अनुपस्थित नहीं माना जाएगा। जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है।
– डीएम ने कहा है कि अगर किसी विद्यालय में जलजमाव की स्थिति है तो विद्यालयों की कक्षाओं को स्थगित रखने के बिंदु पर स्कूल प्रबंधन निर्णय ले सकते हैं।
– गुरुवार रात हुई भारी बारिश से शुक्रवार को शहर के सभी निजी व सरकारी स्कूल बंद रहे। कई जगहों पर पानी भर गया। इस वजह से स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया
– बारिश के बाद निजी स्कूलों ने भी अभिभावकों को स्कूल बंद होने की सूचना दी थी।