पटना.बिहार के मैदानी इलाके और नेपाल के तराई वाले हिस्से में भारी बारिश के बाद राज्य की नदियों में भारी उफान आ गया है। नेपाल में पिछले 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। इससे वहां से आने वाली नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इस कारण कोसी, महानंदा, पुनपुन और कमलाबलान नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कोसी गुरुवार को इस साल के सर्वाधिक डिस्चार्ज पर पहुंच गया। नेपाल के साथ बिहार के लगभग सभी जिलों में बारिश की संभावना है। अगले 72 घंटे तक बारिश की संभावना…
– नेपाल में अगले 72 घंटे तक लगातार बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इससे उत्तर बिहार की नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा तटबंधों पर भारी दबाव उत्पन्न होना तय है।
– जल संसाधन विभाग ने इंजीनियरों को 24 घंटे पेट्रोलिंग करने की हिदायत दी है।
– जल संसाधन विभाग के अनुसार पुनपुन पटना में, कमला बलान मधुबनी में, कोसी खगड़िया में और महानंदा कटिहार में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी।
– पुनपुन तो खतरे के निशान से 146 सेंटीमीटर, जबकि कोसी 134 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
– इसके अलावा गंडक हाजीपुर में, बागमती सीतामढ़ी में, बूढ़ी गंडक मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और खगड़िया में, कमला बलान मधुबनी में, ललबकिया पूर्वी चंपारण में, अधवारा सीतामढ़ी में, खिरोई दरभंगा में तेजी से ऊपर बढ़ रही है।
नेपाल में भारी बारिश : तीन दिनों से लगातार बारिश, अगले 72 घंटे तक बारिश की संभावना
पटना में पुनपुन :खतरे के निशान से 146 सेंटीमीटर ऊपर
कोसी :खतरे के निशान से 134 सेंटीमीटर ऊपर
सोन का पानी 49 हजार से 85 हजार क्यूसेक पर पहुंचा
कोसी में पानी का बहाव इस साल पहली बार 2.40 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। वीरपुर में कोसी में 2.50 लाख क्यूसेक पानी आ गया। गंडक का डिस्चार्ज भी तेजी से बढ़ रहा है। वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी में देर शाम 1.40 लाख क्यूसेक पानी था। सोन नदी में 49 हजार से पानी का स्तर अचानक 85 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया।
पूर्वी और पश्चिमी बिहार में बना ट्रफ
मौसम विभाग ने बिहार में मूसलाधार बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। यूपी से बिहार होते हुए असम तक बने ट्रफ के कारण गुरुवार से बिहार में अच्छी बारिश शुरू हो गई है। बिहार में दो तरफ ट्रफ बना हुआ है। एक यूपी के बरेली, गोरखपुर से मुजफ्फरपुर तक। दूसरा, बिहार के पूर्वी इलाके भागलपुर से पश्चिम बंगाल तक। यही कारण है कि प्रदेशभर में घने बादल छाए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के उपनिदेशक आनंद शंकर ने बताया कि गुरुवार को उत्तरप्रदेश से पश्चिम बंगाल तक बादल छाए रहे। राजधानी सहित गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर में बारिश हुई है। पश्चिम चंपारण के गौनाहा में सबसे अधिक 160 मिमी और जमुई में 150 मिमी बारिश हुई।
तापमान 30 डिग्री पर आया
मौसम विभाग ने अलर्ट में कहा है कि शुक्रवार को राजधानी सहित प्रदेश के 80 फीसदी से अधिक क्षेत्रों में तेज बारिश होगी। शनिवार और रविवार को तेज को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। आर्द्रता 90 फीसदी से ऊपर पहुंच गई है। हवा पूर्वी और दक्षिणी चल रही है। बंगाल की खाड़ी और झारखंड से लगातार नमी आती रहेगी। सुबह से हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी है। राजधानी का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। 33.6 डिग्री के साथ भागलपुर सबसे गर्म शहर रहा।
टहनियां झुकीं, ट्रिपिंग बढ़ी
बारिश के दौरान कई जगह पेड़ों की टहनियां झुक गईं। इससे बिजली सप्लाई प्रभावित हुई। आशियान नगर में बारिश के दौरान पैट्रोलिंग नहीं होने के कारण करीब 3 घंटे तक बिजली गुल रही है।
पटना में तीन बार में 27.6 मिमी बारिश
समस्या
– गुरुवार को हुई 28 मिमी बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया।
– बाइपास, पूर्वी इंदिरानगर, कदमकुआं, राजेंद्रनगर, पाटलिपुत्र में परेशानी बढ़ी।
– कंकड़बाग इलाके में पानी निकालने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
– कई फ्लाईओवर के नीचे पानी भरने से गाड़ियों की रफ्तर धीमी हो गई है।
– रामकृष्णानगर, जक्कनपुर, चिरैयाटांड़ में कम नहीं हो रहा पानी।
समाधान
– नगर आयुक्त ने अफसर-कर्मियों को 24 घंटे फोन चालू रखने को कहा।
– कार्यपालक अधिकारी पानी निकालने के लिए उपकरण तैयार रखेंगे।
– आंधी-बारिश में बिजली गुल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
– मुख्यालय स्थित लोड डिस्पैच सेंटर से बिजली की मॉनिटरिंग हो रही है।
– जलजमाव से निपटने के लिए 24 घंटे संप हाउस चलाए जाएंगे।
सुझाव
– कभी भी तेज बारिश हो सकती है, इसलिए रेनकोट साथ रखें।
– जलजमाव होने पर बहुत जरूरी होने पर ही बाइक से निकलेें।
– गड्ढे लबालब हैं, कई चैंबर खुले हैं, सड़क के किनारे न चलाएं गाड़ी।
– नाव पर सफर न करें, शाम में गंगा घाटों पर जाने से परहेज करें।
– तीन दिनों तक परिवार के साथ आउटिंग करने से बचें।