बिजली की दरों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस कमेटी करेगी विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन करेगी. कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं नेता प्रदेश के सभी शहरों के मुख्य बाजारों में शाम 7 बजे से लालटेन जुलूस निकालेंगे. यह मार्च लखनऊ में झंडेवाला पार्क से जीपीओ तक निकाला जाएगा.

इस विरोध प्रदर्शन से जनदबाव बनाकर कांग्रेस प्रदेश सरकार से विद्युत मूल्य में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग करेगी. इसके अलावा बिजली के बिल में बढ़ोतरी के खिलाफ हर ब्लॉक में कांग्रेस 7 सितंबर से 3 दिन तक हस्ताक्षर अभियान चलाएगी. बता दें कि कांग्रेस लगातार 4 दिन से बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है.

सपा ने साधा निशाना

गौरतलब है कि विपक्षी पार्टियां उत्तर प्रदेश में बिजली की दरें 12 से 15 फीसदी तक बढ़ाए जाने पर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साध रही हैं. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि एक तरफ घटती आय और मांग की वजह से देश की उत्पादकता दर लगातार नीचे जा रही है, वहीं प्रदेश में बिजली की दरें ऊपर जा रही हैं.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा था कि बीजेपी अपनी नीतियों से आम आदमी को निशाना बना रही है. प्रियंका ने कहा था कि पहले महंगे पेट्रोल-डीजल का बोझ और अब महंगी बिजली की मार, उप्र की सरकार आम जनता की जेब काटने में लगी है. खजाने को खाली करके बीजेपी सरकार अब वसूली जनता पर महंगाई का चाबुक चला कर रही है.

मायावती ने ठहराया जनविरोधी

वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने भी इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि इससे मेहनती जनता को ज्यादा परेशानी होगी. उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा बिजली की दरों को बढ़ाने को मंजूरी देना पूरी तरह से जनविरोधी फैसला है. इससे प्रदेश की जनता पर महंगाई का और ज्यादा बोझ बढ़ेगा और सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए.

हालांकि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सरकार के इस कदम का बचाव किया. शर्मा ने एक बयान में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग (UPSERC) द्वारा लिए गए फैसले का कारण बताया. उन्होंने कहा कि सरकार ने उपभोक्ताओं की समस्याओं पर ध्यान दिया और न्यूनतम बढ़ोतरी की है.

उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में बिजली विभाग के सभी ई-टेंडरिंग की जांच होगी. विद्युत विभाग के ई-टेंडरो का थर्ड पार्टी ऑडिट कराएगा. प्रथम चरण में बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती और गोंडा के टेंडरों का स्पेशल ऑडिट होगा. जिसके तहत 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2019 के बीच के टेंडरों की जांच होगी. ई-टेंडरिंग में धांधली की शिकायत मिलने के बाद ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने जांच के निर्देश दिए हैं.

Back to top button