बारिश से पानी-पानी हुआ लखनऊ, बाढ़ की चपेट में यूपी के 12 जिले

राजधानी लखनऊ में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। शहर के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई। बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी भरने से वाहनों की रफ्तार थम गई। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। जलभराव के कारण कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दौरान हर बार ऐसी स्थिति बनती है।
लगातार बारिश के चलते नगर निगम और संबंधित विभागों की टीमों को जल निकासी के लिए लगाया गया है। ताकि, लोगों को होने वाली परेशानियों से निजात दिलाया जा सके।
इधर सोमवार को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश देखने को मिली। सोनभद्र और बरेली में 140 मिमी से अधिक पानी बरसा। राजधानी लखनऊ समेत दिल्ली से सटे जिलों में भी अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक सोनभद्र में सबसे अधिक 147.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। बरेली में 141, प्रयागराज में 126, रायबरेली में 88.4, लखीमपुर खीरी में 84 और शाहजहांपुर में 80.2 मिमी बारिश हुई।
सामान्य के करीब पहुंची यूपी में बारिश
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 17 अगस्त तक प्रदेश में कुल 398.6 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 496.3 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक बारिश सामान्य से 20 प्रतिशत कम है। पूर्वी यूपी में कमी 27 प्रतिशत और पश्चिमी यूपी में आठ प्रतिशत है। अगले सप्ताह बारिश इस कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकती है।
आज इन जिलों में है भारी बारिश की चेतावनी
चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर व आस पास के क्षेत्र।
प्रदेश में शारदा और घाघरा जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ा है। इससे 12 जिले और 166 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। करीब 64402 लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।अधिकारियों ने राहत-बचाव के लिए कुल 86 टीमें तैनात की हैं। इनमें एनडीआरएफ की 18, एसडीआरएफ की 16 और पीएसी की 52 टीमें शामिल हैं। प्रदेश में 1586 बाढ़ चौकियां और 1263 शरणालय तैयार किए गए हैं। इनमें से 40 शरणालय वर्तमान में संचालित हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में 5849 नाव और 1101 मोटरबोट लगाई गई हैं। साथ ही 69 चिकित्सा दल और 51 एंबुलेंस भी तैनात हैं। राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 1 जून से 16 अगस्त तक 381 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह सामान्य बारिश (488.9 मिलीमीटर) से करीब 22 फीसदी कम है।
राहत के लिए 308 वितरण केंद्र बनाए गए हैं। अब तक 15133 खाद्यान्न पैकेट और 24266 लंच पैकेट बांटे गए हैं। 22720 ओआरएस पैकेट और 40860 क्लोरीन टैबलेट भी वितरित किए गए हैं। बाढ़ से 69 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं पर जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है। 3502 प्रभावित पशुओं के लिए 154 क्विंटल भूसा बांटा गया है।





