बहन गई थी राखी बांधने, खून से लथपथ मिलीं भाई-भाभी की लाशें

अमृतसर.राखी बांधने के लिए पहुंची एक बहन सुषमा को सोमवार दोपहर अपने भाई सुभाष चंद्र (62) और भाभी कमलेश रानी की खून से लथपथ लाशें घर में पड़ी मिलीं। लाशें देखते ही सुषमा हक्की-बक्की रह गईं। उन्होंने शोर-मचाकर मचाकर आस-पास के लोगों को इकट्ठा किया और इसकी जानकारी पुलिस को दी। दोनों बेटे विदेश में…
बहन गई थी राखी बांधने, खून से लथपथ मिलीं भाई-भाभी की लाशें
 
– अटारी सीनियर सेकंडरी स्कूल से प्रिसिंपल के पद से रिटायर्ड हुए थे सुभाष, जबकि उनकी पत्नी कमलेश रानी बतौर टीचर रिटायर्ड हुई थीं। वहीं उनके दोनों ही बेटे विदेश में सैटल हैं।
– पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है, ताकि कोई सुराग हाथ लग सके।
– वहीं, बहन कांगड़ा कालोनी राम नगर की रहने वाली सुषमा के बयानों पर पर्चा दर्ज कर लिया गया है।
– जानकारी के अनुसार, सुषमा दोपहर 12 बजे के करीब अपने बेटे के साथ राखी बांधने के लिए सुभाष के घर पहुंची थी। जहां उसे दोनों की लाशें खून से लथपथ मिलीं।
– सुभाष की लाश जहां घर के पिछले कमरे में पड़ी थी, वहीं पत्नी कमलेश की लाश बेडरूम में थी।

ये भी पढ़े: अभी अभी: केरल के पूर्व सीएम ने पीएम मोदी पर लगाया ये बड़ा आरोप, पूरे देश में मचा हाहाकार

पेचकस या सुए का इस्तेमाल
– दोनों पर ही पेचकस या सुए जैसे तेजधार हथियारों के साथ हमला किया गया था। इसके साथ दोनों का ही गला भी दबाया गया था।
– पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि मामला लूट का लग रहा है, क्योंकि घर के अंदर सामान बिखरा हुआ था।
– उन्होंने बताया कि सुभाष सुबह 10 बजे के करीब पास ही के शिव मंदिर माथा टेककर वापिस लौटे थे। इससे साफ है कि यह मर्डर सुबह 10 से 11.30 बजे के बीच ही किया गया है।
– मर्डर करने वाले को यह भी पता था कि दोनों ही घर में अकेले रहते हैं।
 
कातिल आराम से घर में दािखल हुए, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे साबित होंगे मददगार
– छानबीन में बात सामने आई कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही एक प्लाट भी बेचा था।
– पुलिस इस बात से भी मर्डर को लिंक करके छानबीन कर रही है कि घर बेचने के बाद शायद घर में पैसा हो।
– पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव, डीसीपी अमरीक सिंह पवार, एडीसीपी-1 चरणजीत सिंह, एडीसीपी क्राइम, एसीपी सेंट्रल नरिंदर सिंह व फॉरेंसिक विभाग की टीम ने घर की। लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
– वहीं, छानबीन में यह भी साफ हुआ कि आरोपी घर में जबरदस्ती दाखिल नहीं हुए हैं, जिससे पुलिस की इनवेस्टीगेशन इलाके के लोगों और रिश्तेदारों के आसपास भी घूम रही है।
– पुलिस पास ही के पेट्रोल पंप और एयरटेल के शोरूम पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है। देर शाम तक सीसीटीवी से पुलिस को कुई जानकारी हासिल नहीं हुई।
34 साल पहले इसी घर के बाहर पिता काे आतंकियों ने मार डाला था
– सुभाष चंद्र के पिता परमानंद को पंजाब पुलिस के सब इंस्पेक्टर रहते 29 सितंबर 1983 को दो आतंकवादियों ने गोलियों से मार डाला था।
– उस दिन वह थाना इस्लामाबाद में ड्यूटी देने के लिए घर से निकले ही थे कि आतंकियों ने उनपर गोलियां चला थीं। वह एक निडर और कर्मठ पुलिस अफसर थे।
– माना जाता है कि आतंकियों के खिलाफ की गई निर्भीक कार्रवाइयों के कारण ही उन्हें आतंकियों ने अपना निशाना बनाया था।
Back to top button