बरेली में होगी झमाझम बारिश, पांच दिन तक मौसम का यलो अलर्ट जारी

मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद से बरेली और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश का दौर जारी है। इसी बीच मौसम विभाग ने बरेली जिले के लिए आगामी पांच दिनों तक यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि आने वाले पांच दिनों तक आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और अच्छी बरसात होगी, जिसके बाद ही मौसम सामान्य हो सकेगा।
मंगलवार को दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रही और कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन इसके बावजूद लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। स्थिति यह थी कि लोग दिनभर पसीना पोंछने को मजबूर रहे और चिपचिपी गर्मी ने हर किसी को बेहाल कर दिया। मंगलवार को बरेली का अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसने रात के समय भी गर्मी का अहसास बनाए रखा।
मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह ने बताया देश भर में मानसून सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली अत्यधिक नम हवा लगातार क्षेत्र में दाखिल हो रही है। अगले पांच दिनों के यलो अलर्ट के दौरान होने वाली बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। इसके बाद मौसम सामान्य रहने की संभावना है।
परेशानी : मौसम का उतार चढ़ाव बच्चों को कर रहा बीमार
मौसम में लगातार हो रहे उतार चढ़ाव से बच्चों की सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। कभी बारिश तो कभी भीषण गर्मी से डायरिया फिर से तेजी पकड़ने लगा है, जिसके चलते जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड फिर फुल हो गया है। मंगलवार को दोपहर एक बजे 28 बेड के वार्ड में 27 बच्चे भर्ती थे। स्टाफ के अनुसार, मरीजों की संख्या लगाता बढ़ रही है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. हरपाल सिंह के अनुसार मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के चलते बच्चों में वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और अन्य संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है। ऐसे में परिजन खास तौर पर बच्चों का बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई और खानपान का विशेष ध्यान रखें।
ओपीडी में बुखार और त्वचा रोगियों की संख्या अधिक
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को 1000 के करीब नये रोगियों का पंजीकरण हुआ। सर्वाधिक मरीज बुखार और त्वचा संबंधी संक्रमण की चपेट में मिल रहे हैं। हालांकि मरीजों के इलाज संबंधी दवाएं व अन्य संसाधन पूर्ण हैं।





