‘प्लीज उन्हें कुछ न करें’, आठ महिलाओं के लिए ट्रंप ने ईरान के सामने जोड़े हाथ

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान से अपील की है कि वह उन आठ महिलाओं को रिहा करे, जिन्हें फांसी देने की तैयारी बताई जा रही है। ट्रंप ने यह अपील सार्वजनिक रूप से की है ताकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का माहौल बेहतर हो सके।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान के नेताओं से वह इन महिलाओं को छोड़ने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा किया जाता है तो यह आने वाली बातचीत के लिए एक अच्छी शुरुआत होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘कृपया इन महिलाओं को कोई नुकसान न पहुंचाएं।’
ट्रंप की इस पोस्ट के साथ अमेरिका में रहने वाले प्रो-इजराइल एक्टिविस्ट एयाल याकोबी का एक बयान भी साझा किया गया। इसमें दावा किया गया था कि आठ महिलाओं को फांसी का खतरा है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
बातचीत को लेकर अनिश्चितता बरकरार
यह अपील ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में फिर से बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक टीम भेजी जा रही है।
इस टीम में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर भी शामिल हैं। वहीं, ईरान ने अभी तक आधिकारिक रूप से इस बातचीत में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है। ईरान ने कहा है कि पहले अमेरिका होर्मुज से अपनी नाकेबंदी हटाए, तभी आगे बात हो सकती है।
पाकिस्तान में कड़ी सुरक्षा के बीच होगी बैठक
ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर ईरान उनकी शर्तें नहीं मानता, तो अमेरिका उसके पुलों और बिजली ढांचे को निशाना बना सकता है। इसके जवाब में ईरान ने भी कहा है कि अगर उसके नागरिक ठिकानों पर हमला हुआ, तो वह खाड़ी देशों के बिजली और पानी के ठिकानों को निशाना बनाएगा।
इसी बीच पाकिस्तान इस संभावित बातचीत की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इस्लामाबाद में करीब 20 हजार सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है, हालांकि अभी भी बातचीत होने को लेकर पूरी तरह से स्पष्टता नहीं है।





