बड़ी खबर: भारत के प्रेसीडेंट इस्टेट में मिली गुफा जिसमे से निकला सफेद दाढ़ी वाला; उड़े सुरक्षा एजेंसियों के होश

बड़ी खबर: भारत के प्रेसीडेंट इस्टेट में मिली गुफा जिसमे से से निकला सफेद दाढ़ी वाला; उड़े सुरक्षा एजेंसियों के होश…. दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों के उस वक्त होश उड़ गए जब उन्हें पता चला कि प्रेसीडेंट इस्टेट में एक गुफा मिली है। जिसमें चालीस साल से कोई रह रहा है। सुरक्षा में सेंधमारी की खबरें आपने बहुत पढ़ी होंगी। लेकिन, सुरक्षा में गुफामारी की खबर विरले ही सुनने को मिलती है। जी हां प्रेसीडेंट इस्टेट में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जिसने दिल्ली पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। जब उन्हें ये पता चला कि प्रेसीडेंट इस्टेट में गुफा बनी हुई है और उसमें कोई रह भी रहा है। इस गुफा में रहने वाले गाजी नूरल हसन से पुलिस पूछताछ कर रही है। हर चीज की बारीकी से जांच की जा रही है। ताकि शक सुबा की कोई गुुंजाइश ना रहे। इस गुफा में रहने वाले व्यक्ति गाजी नूरल हसन को चाणक्यपुरी थाने में रखा गया है। जहां उसके बयान और हकीकत की तस्दीक की जा रही है। ये मामला बेहद ही दिलचस्प है।

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दरअसल, वाकया शनिवार की रात का है। शनिवार की रात दिल्ली पुलिस की गश्ती टीम को खबर मिली कि एक आदमी प्रेसीडेंट इस्टेट के बॉडीगॉर्ड लाइन्स में पत्थर की दीवार को फांदने की कोशिश कर रहा है। जैसे ही पुलिस को ये खबर मिली सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी गतिविधि की आशंका थी। किसी भी हालात से निपटने के लिए फौरन ही पुलिस की हथियारबंद एक टीम को तैयार किया गया और वो घटनास्थल पर पहुंच गई। लेकिन, बॉडीगॉर्ड लाइन्स में पत्थर की दीवार के पास पुलिस की टीम को कोई नहीं मिला। इसके बाद प्रेसीडेंट इस्टेट के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुुरु कर दिया गया ।
सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस की टीम ने आखिरकार यहां से एक सफेद दाढ़ी वाले व्यक्ति को पकड़ लिया। पुलिस इस व्यक्ति को चाणक्यपुरी थाने लेकर गई। पूछताछ के बाद इस व्यक्ति ने बताया कि उसका नाम गाजी नूरल हसन है। 68 साल के गाजी नूरल हसन से जब पूछा गया कि वो प्रेसीडेंट इस्टेट में क्या कर रहा था तो उसका जवाब सुनकर सब चौंक गए। उसने बताया कि वो प्रेसीडेंट इस्टेट के तुगलक काल के स्मारकों के नीचे एक मैली सी गुफा में पिछले चालीस साल से रह रहा है। जिसे उनसे खुद खोदा है और बनाया है। इस गुफा में गाजी नूरल हसन के साथ उसका 22 साल का बेटा मोहम्मद नूर भी रहता है। पूछताछ में उसने बताया कि बीस साल से उसके पास वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, वैध इलेक्ट्रिसिटी का कनेक्शन भी है।
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प्रेसीडेंट इस्टेट से पकड़े गए गाजी नूरल हसन के इन सभी दस्तावेजों पर पता मजार का ही लिखा हुआ है। हसन का दावा है कि वो मजार का कार्यवाहक था। उसने बताया कि वो मूलरुप से यूपी का रहने वाला है। वो धार्मिक गुरु और उर्दू का लेखक था। पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने गाजी नूरल हसन को धार्मिक गुरु के तौर पर नियुक्त किया था। इसके बाद से वो प्रेसीडेंट इस्टेट में शिफ्ट हो गया था। हसन ने दावा किया कि राष्ट्रपति के कहने पर उसने कई परिवारों को उर्दू सिखाई थी। उसने बताया कि एक बार वो जड़ी-बूटियों की खोज करते हुए मजार तक आ गया था। जहां उसने गुफा बनाने और उसे रहने लायक बनाने का फैसला किया। उसका कहना था कि पहले मैं बॉडीगार्ड लाइन के गेट से ही प्रेसीडेंट इस्टेट में जाता था। लेकिन, अब उस गेट को बंद कर दिया गया है। जिसके बाद दिवार फांदने के अलावा उसके पास कोई दूसरा रास्ता ही नहीं था।





