भारत ने एक हिस्से पर जमाया अपना हक, पाकिस्तान को लगी बड़ी मिर्ची

भारत के नए कदम से पाकिस्तान को मिर्ची लगी है। दरअसल भारत ने पाकिस्तान की जमीन पर कदम रख दिए हैं। यह जमीन पाकिस्तान ने हथियाई हुई है। लेकिन अब यहां रहने वाले भारत को अपना मुल्क मानने लगे हैं।
केन्द्र की मोदी सरकार भी इन लोगों को भारत का बाशिंदा मानने को तैयार है। भाजपा और पीडीपी की नीतियों के मुताबिक इन लोगों को सरकार की ओर से निवास प्रमाण पत्र भी मुहैया कराए जाएंगे।
इस बारे में जम्मू-कश्मीर के बीजेपी अध्यक्ष सतपाल सिंह ने बताया कि सरकार इन लोगों को नौकरी भी दिलाएगी। केन्द्र इसके लिए प्रयासरत है।
Today the question is not abt giving West Pak refugees domicile certificates but it is about their livelihood: Sat Sharma,J&K BJP President pic.twitter.com/82T7jixFoi
— ANI (@ANI_news) December 23, 2016
उन्होंने कहा कि ये लोग पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थी हैं। भाजपा और पीडीपी की गठबंधन नीति पर चलते हुए केन्द्र सरकार इन्हें सिर्फ निवास प्रमाण नहीं, बल्कि नई जिन्दगी दे रही है।
इन लोगों को निवास प्रमाणपत्र देने का काम आज से शुरू किया गया है। इन पाकिस्तानी शरणार्थियों के दस्तखत कराकर इन्हें प्रमाणपत्र सौंपे जाएंगे।
बताया जाता है कि ये लोग भी दरअसल भारतीय हैं। लेकिन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में रहने के कारण इन पर पाक सरकार के कई तरह के दबाव थे।
पाकिस्तान को मिर्ची लगी
पाकिस्तान ने गुरुवार को भारत पर जम्मू एवं कश्मीर की जनसांख्यिकी स्वरूप को बदलने के लिए जम्मू क्षेत्र में गैर कश्मीरी हिंदुओं को बसाने का आरोप लगाया।
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “बताया जाता है कि पीडीपी-भाजपा शासन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन करते हुए जम्मू क्षेत्र में गैर कश्मीरी हिंदुओं को अधिवास (डोमिसाइल) प्रमाण-पत्र देना शुरू किया है। यह इस क्षेत्र की आबादी का आंकड़ा बदलने के शासन के नापाक इरादे का हिस्सा है।”
प्रवक्ता ने कहा, “यह विवादित जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में बदलाव लाने का काम कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन है। कश्मीरियों को उम्मीद है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और संबंधित संगठन इसे लेकर भारत से बात करेंगे।”
कश्मीर पर भारतीय के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए जकारिया ने कहा कि वास्तव में कश्मीर मुद्दा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एजेंडे में शामिल है।
भारत कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा कहकर लगातार इसके प्रस्तावों का उल्लंघन करता रहा है।





