देशभर के 15 हजार आस्था वनों का होगा संरक्षण

केंद्र सरकार ने देशभर के लगभग 15,000 पवित्र वन क्षेत्रों (आस्था वन) के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए आस्था वन संरक्षण योजना को मंजूरी दी है। यह योजना वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों में 3,000 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि से लागू की जाएगी।

यह फैसला शुक्रवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में कोयंबटूर में हुई राष्ट्रीय प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) की सातवीं शासी निकाय बैठक में लिया गया।

इन आस्था वनों को स्थानीय समुदाय धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण संरक्षित रखते हैं। बैठक में भूमि क्षरण रोकने, जैव विविधता संरक्षण और वन परिदृश्य पुनर्स्थापन से जुड़ी नई योजनाओं को भी राष्ट्रीय निधि से समर्थन देने का निर्णय लिया गया।

कैम्पा की बैठक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रतिपूरक वनीकरण की प्रगति, निधि के उपयोग और वर्ष 2024-25 के खातों के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के आडिट की भी समीक्षा की गई।

इसके अलावा रिवर डाल्फिन संरक्षण एवं पुनर्वास योजना, प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड-2, भारतीय गैंडा, जंगली भैंसे और मणिपुर के दुर्लभ संगाई हिरण के संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में बताया गया कि नगर वन योजना के तहत अब तक 652 नगर वन और वाटिकाएं विकसित की जा चुकी हैं, जबकि हरित आवरण बढ़ाने के लिए ग्रीन क्रेडिट योजना के अंतर्गत भी वित्तीय सहायता जारी की गई है।

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