देश की रक्षा करने की कसम ग्रहण करके 184 जवान थल सेना का बन गए अंग

 देश की आन-बान शान की हर कीमत पर रक्षा करने की कसम ग्रहण करके गढ़वाल रेजीमेंट के 184 जवान थल सेना का अभिन्न अंग बन गए। नव प्रशिक्षित सैनिकों ने देश रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने का संकल्प लिया गया।

शनिवार को गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट सेंटर के भवानी दत्त परेड ग्राउंड में कसम परेड समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि मेजर जनरल मुकेश कुमार ने सलामी ली। नव प्रशिक्षित रिक्रूटों ने शानदार डिल का प्रदर्शन किया। परेड को संबोधित करते हुए मेजर जनरल मुकेश कुमार ने कहा कि नव प्रशिक्षित जवानों ने सेना में शामिल होकर अपने जीवन का सवरेत्तम निर्णय लिया है। कहा कि एक सर्वश्रेष्ठ सैनिक के अंदर आज्ञाकारी, कर्त्तव्यनिष्ठा, ईमानदार, विलक्षण बहादुरी जैसे गुणों का होना बेहद जरुरी है। उन्होंने सैनिकों को गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट के पूर्वजों द्वारा अर्जित ख्याति को विश्व में और विख्यात करने का संदेश दिया। उन्होंने परेड का हिस्सा बने सैनिकों के परिजनों को भी सेना परिवार में शामिल होने पर बधाई दी। इस मौके पर सेना के बैंड ने मनोरम धुनों की प्रस्तुति दी। रिक्रूटों ने राष्ट्रीय ध्वज को साक्षी मानकर व धर्मग्रंथ गीता को स्पर्श कर सेना की शपथ ग्रहण की। नव प्रशिक्षित रिक्रूटों ने दाहिने कंधे पर रॉयल रस्सी धारण की। गौरतलब है कि गढ़वाल राफल्स रेजीमेंट देश की उन चुनिंदा सेनाओं में से एक है, जिसे विशिष्ट पराक्रम व अदम्य साहस के लिए विशिष्ट रॉयल रस्सी से सम्मानित किया गया है।

राइफलमैन अजेंद्र सिंह को स्वर्ण पदक

गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट सेंटर में आयोजित कसम परेड समारोह के दौरान राइफलमैन अजेंद्र सिंह को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया, जबकि राइफलमैन जयदीप सिंह को रजत व राइफलमैन सौरभ सिंह को कांस्य पदक से नवाजा गया। राइफलमैन मनीष को फायरिंग में सवरेत्तम प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। हवलदार बालक सिंह को उत्तम प्रशिक्षक व नायब सूबेदार सोहन सिंह को पलाटून कमांडर एवं सूबेदार शरत सिंह को कोर्स चैंपियनशिप बैनर प्रदान किया गया।

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