देख लीजिए योगी जी, दो महीने से एक लापता को नहीं ढूंढ़ पाई आपकी पुलिस

लखनऊ। पिछले डेढ़ महीने के दरमियान उत्‍तर प्रदेश की पुलिस पर कई तरह के आरोप लगते आए हैं। वहीं अब एक नया मामला यूपी की राजधानी लखनऊ से सामने आया है। दरअसल लखनऊ के मड़ियांव में दो महीने पहले संदिग्ध हालात में लापता हुए मूक बधिर बेटे की याद में माता-पिता की आंखे पथरा गईं हैं। भरोसा था कि पुलिस उसके बेटे को तलाशने में मदद करेगी। लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर शांत बैठी है। निराश माता-पिता रोजाना थाने आकर सुबह से शाम तक बैठे रहते हैं और इंस्पेक्टर से लेकर थाने के दरोगा और सिपाही तक से गुहार लगा रहे हैं। लेकिन पुलिस उनके बेटे की तलाश में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रही।

लापता लड़के की तस्‍वीरफैजुल्लागंज में राजवीर सिंह और रीता सिंह का बेटा जतिन सिंह (18) 20 मई की रात करीब 10 बजे संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। काफी तलाश के बावजूद पता न चलने पर मड़ियांव थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवा दी गई। आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर सिर्फ खानापूर्ति करने तक ही सीमित रही। पीड़ित पिता के मुताबिक पड़ताल के दौरान कुछ लोगों ने जतिन को चारबाग के आसपास देखने की पुष्टि की थी।

लापता लड़के के माता पिताइसके बावजूद पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालना उचित नहीं समझा। पीड़ित पिता ने बताया कि जतिन सिर्फ इशारों को ही समझता है। लिहाजा उन्हें आशंका है कि कहीं वह गलत लोगों के हाथों में न फंस गया हो। इंस्पेक्टर मड़ियांव विपिन कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जतिन को तलाशने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

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